Una, Rakesh (TSN)-हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अम्बोटा गांव के अनुभव सूद ने मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के तहत मौनपालन की शुरुआत कर स्वरोजगार की एक मिसाल पेश की है। मात्र 1 लाख रुपये की लागत और 80% अनुदान के साथ शुरू किए गए इस व्यवसाय से वे आज सालाना 30 लाख रुपये की आय और 10 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। उनके पास अब 300 मधुमक्खी बॉक्स हैं और वे सालाना करीब 10,000 किलो शहद का उत्पादन करते हैं।
मुख्यमंत्री मधु विकास योजना से मिली उड़ान
‘पहाड़ी शहद’ ब्रांड के तहत मल्टी फ्लोरा, ब्लैक फॉरेस्ट, ब्लैक डायमंड, अकाशिया, सरसों और केसर जैसे विविध प्रकार के प्रमाणित शहद अब हिमाचल से बाहर भी प्रसिद्ध हो चुके हैं। अनुभव ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत बैंक से ऋण लेकर व्यवसाय को विस्तार दिया और अब तक 300 से अधिक बॉक्स बेच चुके हैं।अनुभव न केवल खुद कमा रहे हैं, बल्कि 10 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार भी दे चुके हैं। वे मौनपालन के इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण भी दे रहे हैं और उनके आउटलेट्स तत्तापानी व ठियोग में स्थापित हैं। उनके उत्पाद देशभर के मेलों और प्रदर्शनियों में भी सराहे जा रहे हैं।
