Chintpurni, Vikas-:चिंतपूर्णी थाना में तैनात पुलिस कर्मचारी अनुज शर्मा को सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) पद पर पदोन्नति मिली है। इस उपलब्धि की खबर से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। अनुज शर्मा का जीवन संघर्ष, मेहनत और समर्पण की कहानी है, जिसने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया।
बचपन की कठिनाइयाँ और मां का साहस
जब अनुज मात्र साढ़े तीन वर्ष के थे, तभी उनके पिता यशपाल शर्मा का निधन हो गया। परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां सुनीता शर्मा के कंधों पर आ गई। उन्होंने घर-घर जाकर बर्तन साफ किए, कठिन परिश्रम से बेटे को शिक्षित किया और जीवन के मूल्य एवं संस्कार सिखाए।
सेवा और समर्पण की पहचान
वर्ष 2006 में अनुज शर्मा ने हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में अपनी सेवा की शुरुआत की। अपने करियर के दौरान उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कार्य किया, धर्मशाला में परम पावन दलाई लामा की सुरक्षा में भी योगदान दिया। मंडी, कुल्लू, शिमला, मनाली, किन्नौर और भाखड़ा डैम सिक्योरिटी जैसी जिम्मेदार तैनातियों पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य किया।
मां और देवी चिंतपूर्णी के प्रति आभार
पदोन्नति पर अनुज शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी मां और मां चिंतपूर्णी के आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने कहा, “मां की हिम्मत ने मुझे कभी हारने नहीं दिया, और मां चिंतपूर्णी की कृपा से मुझे यह सफलता मिली।”
गांव में जश्न का माहौल
अनुज शर्मा की पदोन्नति की खबर से उनके गांव में हर्ष और गर्व का वातावरण है। लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी सफलता को अपने क्षेत्र की उपलब्धि मान रहे हैं। अनुज शर्मा की कहानी यह संदेश देती है कि संघर्ष चाहे जितना भी बड़ा क्यों न हो, दृढ़ इच्छाशक्ति और मातृ प्रेरणा से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
