संजीव महाजन,नूरपुर: विधानसभा ज्वाली में कुदरत का कर लोगों पर इस कदर बरप रहा है कि यहां लगातार लोगों के घर यहां गिरते जा रहे हैं। हालत यह बन चुके हैं कि बिना बारिश के अब यहां एक वार्ड के बाद दूसरे वार्ड में जमीन धंसने के चलते घरों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया हैं। ग्राम पंचायत नियांगल के वार्ड नं-एक के बाद अब वार्ड नं-5 में रविवार को बिना बारिश ही अचानक जमीन धंस जाने से 5 मकान जमींदोज हो गए जबकि अन्य 25 मकानों को खतरा पैदा हो गया हैं।
यहां मकानों के जमींदोज होते ही हर तरफ चीख पुकार मच गई ओर लोग सहायता के लिए चिल्लाने लगे। हालांकि कोई जानी नुकसान यहां मकान गिरने से नहीं हुआ हैं नियांगल निवासी सुभाष, खेमराज, दारो व छोटा के मकान जमींदोज हो चुके हैं ओर सारा सामान अंदर ही दब गया हैं। करीबन 700 मीटर लंबा और 300 मीटर चौड़ा वन भूमि का बड़ा हिस्सा यहां धंस रहा हैं।
इस हादसे की सूचना पंचायत प्रधान कैप्टन चुनी लाल व उपप्रधान संदीप समकड़िया को दी गई जिस पर वे मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार कोटला सीता राम भी मौके पर पहुंचे और परिवारों व उनके सामान को स्थानीय युवाओं के सहयोग से पिकअप में भरकर सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जा हैं।
उपप्रधान संदीप समकडिया ने कहा कि डिप्टी सीएम दौरे पर आए हुए थे हम गांव बाडा में थे वहां भी लैंडस्लाइडिग से घरों को नुकसान हुआ हैं। वहां पर डिप्टी सीएम आए हुए थे तो हमें फोन आया कि गांव नियागल में चार पांच घर जमींदोज हो गए तो हम भी वहां मौके पर पहुंचे और देखा कि जमीन फट रही है और घरों में दरारें आ रही है जिसके कारण घर बैठ गए हैं। लोग घरों का सामान तक भी नहीं निकाल पाए और लोगों ने भाग कर जान बचाई।
उन्होंने कहा कि घर तो चले गए है और साथ में सामान भी दब गया हैं। पशु भी वहां छोड़ कर आ गए लोगों को लगा कि अचानक कि मकान फटने लगे दरारें आने लगी जिससे घर गिरने कि कगार पर हो गए। उन्होंने कहा कि अभी तो बारिश भी नहीं हैं लेकिन जमीन सूखे में ही फटने लगी हैं। 2013 में भी यहां सूखे में लैंड स्लाइडिंग हुई थी। वह हादसा भी अगस्त सितंबर माह में ही हुआ था। उन्होंने कहा कि मेरी डिप्टी सीएम से गुजारिश है कि एक बार फिर यहां आकर दौरा करें ओर इन पीड़ितों की मदद करें। वहीं इस बारे में एसडीएम जवाली महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रभावितों को जल्द ही आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाएगी।
