संजीव महाजन,नूरपुर: दिल में अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कितनी भी मुश्किलें आपके सामने क्यों ना आए लेकिन आप अपनी मंजिल को जरूर हासिल कर लेते हैं। ऐसा ही कर कुछ कर दिखाया है गंगथ के रहने वाले अरविन ने। अरविन ने सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करते हुए बिना किसी ट्यूशन और कोचिंग के सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए करवाई गई परीक्षा में मेरिट में स्थान हासिल किया हैं। इतना ही नहीं अरविन ने इससे पहले स्कॉलरशिप की परीक्षा को पास कर जिला कांगड़ा में प्रथम रैंक का हासिल किया था।
हर मां-बाप आजकल अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अच्छी शिक्षा के लिए बड़े – बड़े प्राइवेट स्कूलों की रुख करते हैं और अच्छी से अच्छी कोचिंग , ट्यूशन दिलवाते हैं। इस सबके बीच में अरविन ने ये साबित कर दिखाया है कि अगर किसी भी बच्चे में मेहनत, लग्न, समय का सदुपयोग करने की क्षमता हो तो वह हर मंजिल को पा सकता हैं। ऐसे में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई कर रहे हो या सरकारी स्कूल में । सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करके भी बड़े बड़े मुकाम हासिल हो सकते हैं ओर यह इस बच्चे ने सिद्ध करके दिखाया हैं। अगर बच्चे में पढ़ने की लग्न, निष्ठा और मेहनत करने का जज्बा हो तो सरकारी स्कूलों के बच्चे भी बेहतर प्रदर्शन कर अपनी एक अलग पहचान कायम कर सकते हैं और अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।
अध्यापक अजय कुमार नागला ने बताया कि वे राजकीय प्राथमिक पाठशाला चरोड में अध्यापक हैं। मुझे बहुत ख़ुशी है कि मेरी पाठशाला में वर्ष 2022-2023 में दो बच्चों ने स्कॉलरशिप परीक्षा में रैंक वन ओर रैंक द्वितीय हासिल किया हैं। अजय कुमार ने
आसपास के क्षेत्र के लोगों से अपील की हैं कि वह भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए आगे लाए क्योंकि सरकारी स्कूल में सरकार की तरफ से शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं और सरकारी स्कूलों में बेहतरीन अध्यापक हैं।
वीआरसीसी कुलदीप ठाकुर ने कहा कि अरविन ने इस पाठशाला का ही नहीं पूरे शिक्षा खंड का नाम भी रोशन किया हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला का यह पांचवीं कक्षा का छात्र रहा है ओर अभी यह छठी कक्षा छात्र हैं। अरविन ने पहले जहां स्वर्ण जयंती मेरिट स्कॉलरशिप की जो परीक्षा हुई थी उसमें जिला कांगड़ा में प्रथम स्थान हासिल किया था। इसके साथ ही अरविंद ने सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए परीक्षा भी दी थी मगर कुछ अंकों की वजह से अरविन का चयन नहीं हो पाया था लेकिन अरविन ने हिम्मत नहीं हारी और अब दोबारा से सैनिक स्कूल का टेस्ट दिया जिसमें अब 236 अंक हासिल कर इस बच्चे ने मेरिट में स्थान हासिल किया हैं। उन्होंने कहा कि अरविन की कामयाबी पर उन्हें गर्व हैं।
वहीं अरविन ने बताया कि वह छठी कक्षा का छात्र हैं और राजकीय प्राथमिक पाठशाला में शिक्षा ग्रहण कर रहा हैं। अरविन ने बताया कि उसने सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा में 236 अंक हासिल कर मेरिट में स्थान पाया हैं। अपनी सफलता का श्रेय अरविन ने अपने माता पिता और अध्यापक अजय कुमार को दिया हैं।
अरविन ने बताया कि मेरा सपना है कि मैं बड़ा होकर एक आर्मी अफसर बनूं और देश की सेवा करूं। वहीं अरविन के माता पिता भी अपने बेटे की उपलब्धि पर बेहद खुश हैं लेकिन उन्हें इस बात की फिक्र सता रही हैं कि कहीं कोटे ओर रिजर्वेशन के चलते कम अंकों वाले बच्चों में भी उनका बेटा कहीं पीछे ना रह जाए।
