हमीरपुर,अरविन्द सिंह (TSN)-प्रदेश भर में आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगो को लेकर मोर्चा खोल दिया है।इसी के चलते सोमवार को अपनी मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ता उपायुक्त कार्यालय हमीरपुर में पहुंची है। कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक मांग पत्र भेजा है।
कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
कार्यकर्ताओं का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में आशा वर्कर पिछले गत वर्षो से कार्यरत है और पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि आशा वर्करों के लिए कोई स्थाई नीति नहीं बनाई गई है।उन्होंने कहा कि आशाओं के लिए स्थाई नीति बनाई जाए।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में अभी भी आशा फैसिलिटेटर नहीं रखी गई है जल्द से जल्द पूरे हिमाचल में आशा फैसिलिटेटर रखी जाए।उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता की दुर्घटना में मृत्यु होने पर कम से कम 10 लाख रुपए की राशि दी जाए। इस अवसर पर किरण,पूजा ,अन्जू बाला, अनीता कमारी, रीना कुमारी,मोनिका देवी,वीना कुमारी,विमला देवी, रीना देवी,अनिता कुमारी,रीता देवी, परमिला देवी, रीना देवी, मोनिका, मोनिका, सुनीता, उमां, रचना व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रही।
वहीं आशा कार्यकर्ता किरण ने बताया कि हम अपनी विभिन्न मांगों के लिए उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेज रहे है।उन्होंने कहा कि कुछ आशा वर्करों की मौ.त भी हो चुकी है आजतक उन आशा वर्करों को कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।उन्होंने कहा कि जैसे ही किसी आशा वर्कर की किसी दुर्घटना में मौ.त हो जाती है तो उस आशा वर्कर को सरकार मुआवजा दे।उन्होंने कहा कि ऑनलाइन काम के लिए मोबाइल दिए है वो सही से काम नहीं कर रहे है।उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारे से काम लेना है तो अच्छे टैब दे जिससे आशा वर्करों के आंखो में भी कोई दिक्कत न आए। उन्होंने कहा आशाओं को जो सरकार मानदेय दे रही और इंसेंटिव समय पर नहीं मिल रहा है।उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को रिटायरमेंट बेनिफिट के रूप में सभी वित्तीय लाभ एक मुश्त दिए जाएं। उन्होंने कहा कि कुछ एक ब्लॉक है जहां अधिक देरी के बाद मिल रहा है।उन्होंने कहा कि हम चाहते है आशाओं को समय पर इंसेंटिव मिले। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में अभी भी आशा फैसिलिटेटर नही रखी गई है जल्द से जल्द पूरे हिमाचल में आशा फैसिलिटेटर रखी जाए।
आशा वर्करों के लिए बनाई जाए स्थाई नीति
वहीं पूजा ने बताया कि हम आशा कार्यकर्ता है और हमें बहुत अधिक काम करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि हमारी कोई स्थाई नीति है।उन्होंने कहा कि हम जो लोगों को देख रहे है सरकार को भी हमें देखना चाहिए।उन्होंने कहा कि हम सरकार से मांग करते है की हमें इतना मानदेय दिया जिससे हम समान पूर्वक जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि हम सरकार से मांग करते है कि आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए या हमारे लिए कोई स्थाई नीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि आशाओं को जो पहले फोन सरकार के द्वारा दिए गए थे वह सभी आशा के खराब हो गए हैं और आशा अभी भी 6 एप पर ऑनलाइन काम करती है तो आपसे निवेदन है कि आशा को अच्छी क्वालिटी के मोबाइल टैब दिए जाए जिससे उनकी आंखें भी सुरक्षित रहे और हम अपना ऑनलाइन काम सही तरीके से कर पाए।
