मंडी:परी शर्मा- मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा रोकने मकसद से राज्य सरकार ने श्रमिकों की हाजिरी व्यवस्था को अब ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के चलते अब न तो सरपंच मस्टररोल में फर्जी नाम लिख सकेंगे और न ही उनकी फर्जी हाजिरी मस्टररोल मे लग सकेगी।
मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा रोकने है मकसद
इस योजना से मस्टररोल में जाली नाम भी पकड़ में आ सकेंगे। इसके तहत अब हर रोज सुबह 11 बजे मेट के समक्ष सभी श्रमिकों की उपस्थिति ऑनलाइन अपडेट करनी होगी। वहीं विकास खंड गोहर के पंचायत जन प्रतिनिधि इस निर्णय का विरोध कर सरकार के मुखिया से इसे तुरंत वापिस लेने की मांग उठाई है। विकास खंड गोहर के पंचायत प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश जताया। सरकार की ये ऑनलाइन व्यवस्था जिला भर के ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा श्रमिकों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। जिस कारण विकास के काम ठप्प होने की कगार पर आ गए हैं।
इस योजना के विरोध के चलते प्रधान संघ गोहर की ओर से बीडीओ के मार्फत एक ज्ञापन भारत सरकार को भेजा है। प्रधान संघ गोहर के अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि यह बात ठीक है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एमएमएस) से श्रमिकों की हाजिरी के साथ ही अन्य कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी। लेकिन अधिकतर पंचायत प्रतिनिधि कम पढ़े हैं व स्मार्ट फोन नहीं चला पाते। दूसरा यह कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क का अभाव रहता है इसलिए किसी सूरत में हाजरी लगाना मुश्किल ही है। सरकार को इस व्यवस्था में परिवर्तन करना चाहिए ताकि विकास के काम पूर्ण रूप से किए जा सके।
