बिलासपुर: सुभाष ठाकुर- बीडीटीएस के चेयरमैन लेखराम वर्मा ने अडानी ग्रुप को चेताते हुए कहा कि ये समझ ले बीडीटीएस का आंगन खाली नहीं , यहां ज्योत जली है और जलती रहेगी। बरमाणा में एसीसी सीमेंट कारखाना प्रबंधन एवं ट्रक आपरेटरों के बीच माल भाडे को चल रहा गतिरोध 21 दिन के बाद भी नहीं सुलझ पाया है। जिसके चलते अपनी मांगों को लेकर बीडीटीएस व पूर्व सैनिक यूनियन से जुड़े ट्रक आपरेटरों ने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। अडाणी समूह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने प्रदेश सरकार व अडानी समूह से बिना शर्त एसीसी में की गई तालाबंदी को बिना शर्त खोलने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए बीडीटीएस के चेयरमैन लेखराम वर्मा , जयसिंह कमल किशोर राकेश कुमार और एक्स सर्विसमैन यूनियन के उपप्रधान करनैल सिंह चंदेल ने कहा कि अदाणी समूह द्वारा बिना किसी सूचना के एसीसी सीमेंट कारखाने की तालाबंदी को गैर कानूनी करार देते हुए कहा कि कंपनी प्रबंधन के इस कदम से बिलासपुर जिले की आर्थिकी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। चेयरमैन लेखराम वर्मा ने बताया कि अफवाहें डाली जा रही है कि किसी पॉइंट पर भाड़ा ढुलाई तय हो गया है ,जबकि अभी तक सीमेंट ढुलाई की दरों को लेकर ऐसा कोई भी समझौता नहीं हुआ है। बीडीटीएस सभा ने हिमाचल प्रदेश सरकार को सीमेंट ढुलाई भाड़ा को तय करने को लेकर डाक्यूमेंट्स सबमिट करवा दिए है। अब आगामी सात तारीख को बैठक है और आठ को फैसला हो जाएगा । उन्हें आशा है कि राज्य सरकार ऑपरेटरों के हकों के लिए अच्छे परामर्शदाता से राय लेकर मालभाड़े की दरें तय करेगा।
अदाणी समूह 6 रुपये प्रति किलो मीटर की दर से माल ढुलान करवाना चाहता है ,लेकिन बहुत कम दर पर सीमेंट ढुलान करने से ट्रक ऑपरेटर बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि ट्रक आपरेटरों ने बैंकों व निजी फाइनेंस कंपनियों से ऋण लेकर ट्रक डाले हैं। लेकिन अब उन्हें ट्रकों की किस्तें देना भी मुश्किल हो गया है ।
