विकास शर्मा,चिंतपूर्णी: 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। इसी के चलते मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यामिक पाठशाला भरवाईं में स्कूल प्रबंधन समिति सदस्यों एवं बच्चों की उपस्थिति में मलेरिया रोग के बारे में जागरूक करने को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी शारदा शाश्वत ने की। इस अवसर पर बताया गया कि मलेरिया की गंभीरता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 25 अप्रैल को मनाया जाता हैं। इस दिन को पहली बार साल 2008 में मनाया गया था।
बच्चों को जागरूक करते हुए बताया गया की मलेरिया मच्छरों से होने वाली एक खतरनाक बीमारी है जिससे हर साल लाखों लोगों की जान जाती हैं। मलेरिया मादा मच्छर एनाफिलिस के काटने से होता है, ये मच्छर गंदे पानी में पनपते हैं। कार्यक्रम में स्कूल के छठी से जमा दो कक्षा के छात्रों को शामिल किया गया। इस अवसर पर डिबेट का आयोजन भी किया गया। म प्रधानाचार्य सीमा कौशल ने बच्चों को विश्व मलेरिया दिवस के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया की विश्व मलेरिया दिवस के माध्यम से लोगों में बीमारी के प्रति जागरूक, नियंत्रण और रोकथाम के लिए मलेरिया दिवस के माध्यम से पुरे देश में कई अभियान चलाए जाते हैं।
इस दिन पूरी दुनिया में होनी वाली बीमारी से बचाव के लिए लोगों के अंदर जागरूकता लाई जाती हैं | पुरे देश में मलेरिया दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जल्दी-से-जल्दी कार्रवाई करना हैं। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम और स्कूल के प्रवक्ता राकेश कुमार ,राजीव कौशल,सुनील कुमार , रेणु सरोच, कुमारी शैलजा,ललित मोहन ,संजीव कुमार,सुरेश कुमारी,अछरा देवी आदि मौजूद रहे।
