संजीव महाजन, नूरपुर: देव भूमि हिमाचल में भगवान भोले शंकर के बहुत से मंदिर हैं। इन्हीं में से कुछ मंदिर ऐसे हैं जो बेहद ही प्राचीन हैं। इन मंदिरों से जुड़ा हुआ इतिहास भी बेहद खास हैं। इन्हीं में से एक मंदिर नूरपुर ब्लॉक की पंचायत सुलयाली में हैं। यह प्राचीन डिब्केशवर महादेव शिव मंदिर एक अद्भुत, कुदरती मंदिर हैं। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि इस मंदिर में भगवान शिव के शिवलिंग की स्थापना नहीं कि गई हैं बल्कि यहां शिव भोलेनाथ की शिवलिंग रूपी पिंडियां स्वयंभू ही प्रकट हुई हैं जो पूरे भारतवर्ष में कुछ ही जगह विराजमान हैं।
डिब्केशवर महादेव शिव मंदिर की एक खास बात यह है कि यहां एक गुफा के अंदर एक नहीं बल्कि अनेकों शिवलिंग स्वयंभू निकले हैं। वहीं दूसरी खास बात यह है कि इन शिवलिंगों पर लगातार प्राकृतिक तरीके से ही जलाभिषेक होता रहता हैं। गुफा की चट्टानों से गिरता पानी शिवलिंग का जलाभिषेक यहां करता हैं।शिव गुफ़ा के अंदर प्रवेश करते ही आपको एक नहीं बल्कि सैकड़ो ही शिवलिंग यहां एक साथ नजर आएंगे। यह भी एक वजह हैं कि यह स्थल स्थानीय लोगों के साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हैं।
यहां डिब्केशवर महादेव शिव मंदिर में इन शिवलिंगों की सदियों से लोग पूजा अर्चना करते आ रहे हैं। इसके साथ ही सदियों से जो भक्त यहां सच्चे मन से शिव भोलेनाथ की पूजा अर्चना करता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है और उनके सभी तरह के कष्ट भी मिट जाते हैं। यहां पर पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली से लोग दर्शनों भगवान भोले नाथ के दर्शनों के लिए आते हैं। मंदिर कमेटी की तरफ से यहां मंदिर में हर सुविधा का बेखूबी से ख्याल रखा जाता हैं।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का भी कहना है कि यह शिव मंदिर अपने आप में बेहद अनोखा है शिव मंदिर में शिव शंकर भोलेनाथ साक्षात रूप में अपने दर्शन श्रद्धालुओं को देते हैं। यहां मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग स्थापित हैं जिनकी पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं वही सभी तरह के कष्ट भी मिट जाते हैं।
मंदिर के सरोवर में स्नान करने से दूर हो जाते हैं चर्म रोग
डिब्केशवर महादेव शिव मंदिर ने एक बहता हुआ झरना भी हैं। इसी झरने के पानी से भगवान शिव भोले नाथ के शिवलिंग का लगातार जलाभिषेक होता रहता हैं। वही मंदिर के पास है एक सरोवर है जिसमें झरने का पानी एकत्र होता है माना जाता है कि इस झरने के पानी में जो भी व्यक्ति स्नान करता है उसके त्वचा से जुड़े हुए सभी रोग दूर हो जाते हैं।
सरकार दे ध्यान तो धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता हैं डिब्केशवर महादेव शिव मंदिर स्थल
शिव मंदिर इतिहास और इसकी मान्यता को देखते हुए यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है ऐसे में अब जहां सरकार की ओर से जिला कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने की घोषणा की गई है ऐसे में अगर सरकार इस डिब्केशवर महादेव मंदिर पर भी विशेष ध्यान दें तो इसे एक भव्य धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जा सकता हैं।।
