अरविंदर सिंह,हमीरपुर: जेओए-आईटी का पेपर लीक होने के मामले में प्रदेश सरकार की ओर से हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भंग कर दिया गया हैं। आयोग को बंद करने के बाद से यहां कार्यरत कर्मचारी भी कार्यालय नहीं आ रहे हैं और आयोग के कार्यालय पर ताला लटक रहा हैं। ऐसे में इन कर्मचारियों को 2 माह का वेतन भी नहीं मिल पाया हैं वेतन ना मिलने से कर्मचारियों के समक्ष समस्याएं खड़ी हो रही हैं लेकिन अब जल्द ही कर्मचारियों को इनका भी इतना सरकार की ओर से जारी किया जाएगा।
प्रदेश सरकार की ओर से आयोग के ओएसडी को शनिवार को डीडीओ के अधिकार देने के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई हैं। फरवरी और मार्च माह की तनख्वाह के बिल तैयार होकर 2 दिनों के भीतर ट्रेजरी में भेजने का सिलसिला शुरू हो गया हैं। आयोग के ओएसडी अनुपम ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि आयोग के कर्मचारियों को जल्द ही तनख्वाह मिल जाएगी साथ ही रिटायर हुए कर्मचारियों को मिलने वाले बेनिफिट्स भी जल्द दे दिए जाएंगे।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के भंग होने के बाद आयोग में कार्यरत कर्मचारियों को बीते 2 माह से वेतनमान नहीं मिल पा रहा था जिसको लेकर उन्होंने सरकार से वेतन देने की मांग की थी। इसके उपरांत प्रदेश सरकार की ओर से शनिवार को आयोग के ओएसडी को डीडीओ के अधिकार देने के बाद अब वेतनमान देने की प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। आयोग के ओएसडी अनुपम ठाकुर ने बताया कि वेतन देने के लिए बिल तैयार करके उन्हें ट्रेजरी भेजा जा रहा हैं ताकि प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।
उन्होंने बताया कि जो कर्मचारी बीते 3 माह में आयोग से रिटायर हुए थे उनको मिलने वाले विभिन्न बेनिफिट्स भी जल्द दे दिए जाएंगे और आगामी प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।
वहीं विजिलेंस की ओर से जांच के लिए मांगे जा रहे रिकॉर्ड पर ओएसडी अनुपम ठाकुर ने कहा कि आयोग की ओर से विजिलेंस को सभी रिकॉर्ड ततपरता के साथ दे दिए गए हैं । उन्होंने बताया कि विजिलेंस की जांच में कुछ नए तथ्य आए हैं जिनको लेकर सोमवार को और रिकॉर्ड मांगा गया है जिसे आयोग के कुछ कर्मचारियों के साथ निकाला जा रहा है और उसे भी जल्द दे दिया जाएगा।
