संजु चौधरी, शिमला: शिमला नगर निगम चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से तैयार की जा रही मतदाता सूची पर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं और और फर्जी वोट बनाने के आरोप लगाए हैं। इसको लेकर गुरुवार को शिमला भाजपा जिलाध्यक्ष पार्षदों के साथ निर्वाचन अधिकारी आदित्य नेगी के पास पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपकर सूचियों को दुरुस्त करने की मांग की।
शिमला जिला भाजपा अध्यक्ष ने रवि मेहता ने कहा कि शिमला नगर निगम के होने वाले चुनावों की मतदाता सूची में बहुत ज्यादा अनियमितताएं देखने में आ रही हैं। उन्होनें कहा कि समरहिल वार्ड में एक दुकान के पते पर पांच नकली वोट बनाने का मामला ध्यान में आया जबकि उस दुकान के मालिक से बातचीत पर पता चला कि वो इन लोगों को नहीं पहचानते और उनका इस पते को प्रयोग करना अनुचित हैं।
इसी तरीक से दो अन्य मामले हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में भी आ रहे हैं। छात्रों का वहीं के स्थानीय पतों पर अपना वोट बनाया गया हैं, जबकि उनको विश्वविद्यालय के हॉस्टल में कमरे आबंटित है। इन 100 वोट बनने के आवेदनों का अभी तक यह पता नहीं कि ये असल में वहां के स्थाई निवासी है या नहीं और इन्होनें हाल ही में विधान सभा चुनाव में कहां पर अपना मत प्रयोग किया हैं।
इसी तरह टूटीकंडी वार्ड केे 100 वोट, बालूगंज वार्ड के 100 वोट स्थानातंरित किए गए हैं। नगर निगम चुनाव एक्ट के अनुसार 6 महीने से पहले आप दूसरे स्थान पर अपने मत का प्रयोग नहीं कर सकते।
उन्होनें आग्रह किया कि जिस तरह 2017 के वोटर लिस्ट को आधार बना कर चुनाव की तैयारी की जा रही हैं यह भी गलत हैं,क्योंकि 2017 की सूची के हिसाब से जिन युवाओं ने 2022 के विधान सभा चुनावों में वोट दिया है वो इसमें सम्मिलत नहीं हैं। 2017 की सूची के लोग या तो शिफ्ट कर चुके हें या फिर उनकी मृत्यु हो चुकी हैं। बहुत से ऐसे मतदाता है जो एक दूसरे वार्डों में वोट डाल गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ओर जल्द ही इन गलतियों को सही किया जाता हैं तो मज़बूरन न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
