शिमला: हिमाचल विधानसभा सत्र में विपक्ष की भूमिका पर भाजपा नेताओं ने सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा है कि पांच वर्षों में भी विपक्ष ये नहीं सीखा कि विपक्ष की भूमिका में कैसा व्यवहार करना है। जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सदन में पेश किए अविश्वास पत्र को लेकर विपक्ष को बोलने ही नहीं दिया गया। पशुपालन एवम पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि विपक्ष इसकी भूमिका को निभाने में नाकाम रहा है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पशुओं में फैल रहे लंपी वायरस को एपिडेमिक घोषित किया गया है। जिन पशुओं की इससे मौत हुई है, इसके लिए मुआवजा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस बीमारी से ग्रसित पशुओं का उपचार कन्टेनमेट जॉन में इन्हें रखकर किया जा रहा है। प्रदेश भाजपा सरकार गौवंश को लेकर कार्य कर रही है। 20 हजार से ज्यादा गौवंश को आश्रय दिया गया है। बिक्रम सिंह, उद्योग एवं परिवहन मंत्री ने कहा कि कांग्रेस एक लीडरलेस पार्टी है। जहां मुख्यमंत्री के लिए कोई भी एक चेहरा नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक अपनी लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए अविश्वास पत्र लाए थे, जिसमें वो खुद फेल हो गए हैं। कांग्रेस नेत्री एवं पूर्व मंत्री आशा कुमारी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष यदि बोलने का मौका दे तो सदन अच्छी तरह चलेगा। उन्होंने का कि उनके चुनाव क्षेत्र में लोगों को परेशानी आ रही है, जिन्हें वे सदन में रखेगी।
