अरविंदर सिंह,हमीरपुर: पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में बीते छह माह में खुले हुए संस्थान और कार्यालयों को कांग्रेस की ओर से डिनोटिफाई करने का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा हैं। एक और जहां भाजपा इसका विरोध जता रही हैं तो वहीं कांग्रेस
भी जमकर पलटवार भाजपा पर इस मुद्दे को लेकर करती हुई नज़र आ रही हैं। वहीं अब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता एडवोकेट रोहित शर्मा ने भाजपा को घेरा हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले जिस ढंग से भाजपा की पूर्व सरकार ने प्रदेश भर में धड़ाधड़ संस्थान खोलें उसे जनता को क्या फायदा मिला यह तो भाजपा ही बता सकती हैं, लेकिन अगर इन्हें खोला गया था तो क्यों फिर भाजपा सत्ता में वापस नहीं लौटा पाई। उन्होंने कहा कि भाजपा को विपक्ष में बैठना पड़ा हैं। उनकी झूठी घोषणाओं को प्रदेश की जनता ने नकार दिया हैं। अब भाजपा के नेता बौखलाहट में उल्टी-सीधी बयानबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों को प्रदेश सरकार ने डी नोटिफाई किया है उस फैसले का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ भाजपा के पूर्व मंत्री की ओर से जो ब्यान दिया गया है वह निंदनीय हैं और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले की पुलिस के पास बकायदा शिकायत भी की हैं। वहीं प्रदेश में सीमेंट फैक्ट्रियों के बंद होने के मुद्दे पर रोहित ने कहा कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर तीन फैक्ट्रियों को बंद करवाया हैं। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने लोगों को सस्ता सीमेंट उपलब्ध करवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं और इसके लिए एक पॉलिसी भी बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पिछले दिनों बिलासपुर में आए थे वह क्यों नहीं इन फैक्ट्रियों के इन बंद होने के मामले को हल करवा पाए हैं। उन्होंने कहा कि अदानी ग्रुप के साथ 3 लोगों की सांठगांठ हैं और इसे इ जनता भलीभांति जानती हैं।
