राहुल चावला, धर्मशाला: आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रदेश कि कांग्रेस सरकार की ओर सेवाओं से हटाने या बाहर किए जाने को लेकर भाजपा अपना विरोध जता रही हैं। भाजपा ने सरकार की सदस्य को गलत करार देते हुए इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया था। इस मुद्दे को लेकर भाजपा ने सदन से वाकआउट भी किया था। अभी भी भाजपा लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरती हुई नजर आ रही हैं।
नगरोटा बंगवा के भाजपा के पूर्व विधायक अरुण मेहरा कूका ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने धर्मशाला में प्रेसवार्ता के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण समय में सेवाएं प्रदान की हैं। इतना ही नहीं कोविड के मुश्किल हालातों के बीच भी कर्मचारियों ने अस्पताल में सेवाएं प्रदान की। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन को दाव पर लगा दिया, लेकिन अब टांडा मेडिकल कॉलेज व धर्मशाला अस्पताल सहित अन्य स्थानों में समय खत्म होने पर उन्हें बाहर किया जा रहा हैं।
पूर्व विधायक ने कहा कि उनकी पूर्व सरकार ने भी आउटसोर्स कर्मियों को लेकर उचित रणनीति बनाए जाने की योजना बनाई थी, लेकिन आचार संहिता लगने के कारण कार्य लंबित रहा था। ऐसे में मौजूदा सरकार को इस पर उचित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने नगरोटा बंगवां के विधायक आरएस बाली पर भी निशाना साधते हुए इस मामले में राजनीति किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीएम से रात को मिलवाने की बात झूठी हैं। अरुण ने कहा कि सरकार विरोध की भावना से काम कर रही हैं, जबकि जनता से किए गए सभी वायदे झूठे साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर प्रकार के टैक्स बढ़ाने का काम कांग्रेस सरकार कर रही हैं। अब विभागों को रेवन्यू इकट्ठा करने के लिए निर्देश 10 गारंटी पूरी करने को दिया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती घोटाले को लेकर भी सरकार आयोग को निरस्त कर रही है, जबकि पारदर्शी तरीके से एग्जाम नहीं करवाए गए हैं।
