Shimla, 3 July –भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर केंद्र द्वारा जारी की गई धनराशि के समुचित उपयोग में विफल रहने का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि हिमाचल को स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र से बड़ी आर्थिक सहायता मिली है, लेकिन राज्य सरकार उसका प्रभावी उपयोग नहीं कर पा रही है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी, पार्टी प्रवक्ता बलबीर वर्मा और मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने एक संयुक्त बयान में कहा कि आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत केंद्र ने 360.11 करोड़ रुपये की राशि हिमाचल प्रदेश को दी थी, लेकिन राज्य सरकार अब तक केवल 78 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई है।उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रदेश में 73 ब्लॉक स्तरीय पब्लिक हेल्थ यूनिट्स बनाए जाने थे, लेकिन अब तक केवल छह ही बन पाए हैं और 14 यूनिट्स के ही टेंडर जारी हुए हैं। इसके अलावा आठ क्रिटिकल केयर यूनिट्स बनाए जाने थे, जिनमें से कई अभी प्रारंभिक चरण में हैं।
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि 15वें वित्त आयोग के तहत प्रदेश को 521 करोड़ रुपये मिले थे, जिनमें से केवल 128.62 करोड़ रुपये का ही उपयोग किया जा सका है।उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 25 मई को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की थी, जिसमें राज्य के लिए अतिरिक्त सहायता की मांग की गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने 30 जून को जाइका योजना के तहत 1138 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी, जिसमें से 1024 करोड़ रुपये ग्रांट इन एड के रूप में दिए गए हैं।भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि हिमाचल की सरकार केवल मांग करना जानती है, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रशासनिक अक्षमता का प्रदर्शन कर रही है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से सहयोग में कोई कमी नहीं है, और यदि कहीं कमी है तो वह राज्य सरकार के प्रबंधन में है।
