चम्बा-:चम्बा जिले की राजपुरा स्थित जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। जेल के भीतर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के शक में की गई तलाशी के दौरान एक विचाराधीन कैदी ने जेल कर्मियों पर धारदार चम्मच और टूटी बैडमिंटन स्टिक से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक हैड वार्डर सहित दो जेल कर्मचारी घायल हो गए, जबकि हाथापाई में उनकी वर्दियां भी फट गईं। घटना के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले के पंजाहल (नाहन) निवासी वार्डर अनिल कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि 26 मई की रात उनकी ड्यूटी राजपुरा जेल के वार्ड ए में रात 8 बजे से 2 बजे तक थी। रात करीब 10:25 बजे उन्हें सूचना मिली कि विचाराधीन कैदी परमिंदर उर्फ पिंडरी शौचालय के भीतर छिपकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है।
सूचना मिलते ही वार्डर अनिल कुमार ने इसकी जानकारी ड्यूटी प्रभारी को दी। इसके बाद चीफ वार्डर और अन्य कर्मचारियों के साथ संबंधित बैरक की तलाशी ली गई। जब अधिकारियों ने आरोपी कैदी से मोबाइल फोन के बारे में पूछताछ की और उसे जमा करवाने को कहा, तो वह अचानक भड़क उठा। गुस्से में आकर उसने नुकीले चम्मच से वार्डर अनिल कुमार पर हमला कर दिया।हमले के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे हैड वार्डर विजय कुमार पर भी आरोपी ने टूटी हुई बैडमिंटन स्टिक से कई वार किए। इस हाथापाई में दोनों जेल कर्मियों को गंभीर चोटें आईं। वार्डर अनिल कुमार की गर्दन और दाहिनी कलाई घायल हो गई, जबकि हैड वार्डर विजय कुमार भी बुरी तरह जख्मी हो गए। संघर्ष के दौरान उनकी वर्दियां फट गईं और बटन टूट गए।घटना के बाद जेल परिसर में तनाव और बढ़ गया। बताया जा रहा है कि वार्ड ए में हुई इस मारपीट के बाद जब घायल कर्मचारी बाहर निकल रहे थे, तभी वार्ड बी में बंद एक अन्य विचाराधीन कैदी मंजीत नड्डा ने भी हंगामा शुरू कर दिया। उसने जेल कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और खुलेआम यह दावा किया कि उसके पास भी मोबाइल फोन मौजूद है। इतना ही नहीं, उसने कर्मचारियों को धमकियां देते हुए तलाशी लेने की चुनौती तक दे डाली।इस घटना ने जेल के भीतर मोबाइल फोन पहुंचने के नेटवर्क और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।