Dharamshala, Rahul-:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज़ादी के बाद उपेक्षित रहे अनसंग हीरोज को देश के सामने लाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि राष्ट्र के इन सच्चे नायकों के बलिदानों को जानना नई पीढ़ी के लिए अनिवार्य है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय यूनिटी मार्च में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आधुनिक भारत के निर्माण के लिए प्रेरणादायी कार्यों को नई दिशा दी है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुश्री इंदु गोस्वामी भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।सांसद डॉ. भारद्वाज ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर देशभर में आयोजित हो रहे यूनिटी मार्च का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय एकता, सेवा और नेतृत्व की भावना से जोड़ना है। विवेक, निष्ठा और कर्तव्यभाव के प्रतीक लौह पुरुष सरदार पटेल ने भारत का भू-राजनीतिक एकीकरण कर देश को एक सूत्र में पिरोया था। इसलिए आज पूरा राष्ट्र उन्हें श्रद्धा से याद कर रहा है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने देशभर से एक लाख युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया है—ऐसे युवा जो “राष्ट्र प्रथम” के सिद्धांत पर चलकर 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को पूरा करने में योगदान दे सकें।
यूनिटी मार्च के तहत सैकड़ों युवाओं ने केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश से डीसी कार्यालय धर्मशाला तक पदयात्रा की। यात्रा का शुभारंभ डॉ. राजीव भारद्वाज और इंदु गोस्वामी ने हरी झंडी दिखाकर किया।
स्वदेशी से गति पकड़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था
अपने संबोधन में डॉ. भारद्वाज ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी को लेकर देश में बड़ा जनजागरण चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई उत्पाद भारत में बनता है तो भले ही वह विदेशी ब्रांड का हो, वह भारतीय माना जाएगा क्योंकि उसकी आय देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करती है। विश्व में आर्थिक मंदी के बावजूद भारत की जीडीपी सबसे तेज़ी से बढ़ रही है, जिसका मुख्य आधार स्वदेशी को बढ़ावा देना है।
नशे के खिलाफ संगठित लड़ाई की जरूरत
सांसद ने नशे को अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ की साजिश बताते हुए चेताया कि देश को विश्व शक्ति बनते देख कुछ ताकतें युवाओं को नशे के जाल में फंसाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन देश का युवा जागरूक है और अनेक संगठन नशे के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सामूहिक प्रयासों से ही जीती जा सकती है।
