अरविंदर सिंह,हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के JOA-IT पोस्टकोड 817 के अभ्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार से पैदल मार्च शुरू कर दिया हैं। यह पैदल मार्च हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग से शुरू होता हुआ शिमला जाकर खत्म होगा। यहां पहुंच कर अभ्यर्थी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करेंगे ।
अभ्यर्थियों का कहना हैं कि प्रदेश सरकार की ओर से परीक्षाओं को फिर से शुरू करने के लिए 60 दिन का समय मांगा गया था, लेकिन अब सरकार के रवैए को लेकर इनकी नाराजगी बढ़ रही हैं। इस पदयात्रा में युवाओं ने आह्वान किया कि हर जिला से युवा इस यात्रा में शामिल होकर सरकार के समक्ष अपनी मांगे रखने में अपना सहयोग करें।
अभ्यर्थियों का कहना हैं कि पोस्टकोड 817 के अभ्यर्थियों के रिजल्ट का मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग होने की वजह से घोषित नहीं हो पा रहा हैं। इस पोस्टकोड को अन्य 4 पोस्टकोड के साथ क्लब किया गया हैं। सरकार ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में जो जवाब दायर किया हैं, उसमें गड़बड़ झाले की जांच का हवाला भी दिया गया हैं। उसी की वजह से अभ्यर्थी नाराज हैं।
पदयात्रा के संचालक नीरज ठाकुर का कहना हैं कि हिमाचल में बेरोजगारों की स्थिति खराब हो रही हैं। पुरानी भर्तियों का अभी कोई पता नहीं चल पा रहा, इसीलिए यह पदयात्रा शुरू की जा रही हैं। उन्होंने मांग की हैं कि पुरानी भर्तियों के प्रोसेस को पूरा किया ‘जाए। उन्होंने कहा कि भंग किए गए हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग को बहाल किया जाए। बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार चुप न बैठे। जिन बेरोजगारों को भर्ती प्रोसेस लंबित होने की वजह से नुकसान हो रहा हैं। उनका इंतजार शीघ्र खत्म किया जाए।
उन्होंने कहा कि बुधवार से शुरू होने वाली यह पदयात्रा 18 को शिमला पहुंचेगी, जहां अभ्यर्थी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलेंगे। मामला यदि नहीं सुलझा तो यह अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच करेंगें।
