बीबीएन : जगत सिंह- केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों व नीतियों में किए बदलाव को लेकर मजदूर संगठनों में खासा रोष देखा जा रहा है । इसी के चलते सीटू के बैनर तले सैकड़ों मजदूरों ने एकत्रित होकर श्रम कानूनों व नीतियों के बदलाब के विरोध में पहले हनुमान चौक के पास प्रदर्शन किया और उसके बाद हनुमान चौक से लेकर बद्दी तहसील ऑफिस तक केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना रोष व्यक्त किया।
श्रम नियमों व कानूनों के बदलाव को वापस लेने की मांग
वहीं तहसील ऑफिस के बाहर भी मजदूरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और श्रम कानूनों व नीतियों में बदलाव को लेकर अपना गुस्सा व्यक्त किया। मजदूरों नें तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी भेजा । ज्ञापन के माध्यम से जहां श्रम कानूनों व नीतियों में बदलाव को वापस उठाने की मांग उठाई है। वही मजदूरों की न्यूनतम वेतन 28000 करने की भी मांग उठाई गई है । साथ ही मजदूर यूनियन सीटू के सदस्यों ने केंद्र सरकार को चेतावनी देकर कहा है कि अगर जल्द ही श्रम कानूनों के बदलाव के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो सीटू मजदूर यूनियन पूरे देश में मजदूरों के साथ एकत्रित होकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगी। जिसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार व प्रशासन की होगी।
