नाहन : देवेंद्र कुमार – हिमाचल प्रदेश सरकार भले ही स्कूलों में बेहतर शिक्षा के दावे कर रही हो मगर हकीकत यह है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। ऐसा ही मामला उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के गृह क्षेत्र शिलाई विधानसभा क्षेत्र के नाया पंजोड़ गांव का है जहां मिडल व प्राथमिक स्कूल एक-एक अध्यापक के सहारे पिछले दो सालों से चल रहे है।
स्थानीय लोगों का कहना है मिडल स्कूल भी एक शिक्षक के सहारे स्कूल चल रहा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक 41 बच्चों ने शिक्षक न होने के कारण पलायन कर दिया है। एक महीने पहले आश्वासन दिया गया था कि स्कूल में अध्यापक की नियुक्ति की जायेगी लेकिन अभी तक इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया । अब ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी दी है की अगर 10 सितंबर तक सरकार शिक्षक नियुक्ति नही की जाती तो अभिभावकों सहित सभी ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे । बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा ।
एसएमसी के अध्यक्ष हुकमी राम शर्मा ने कहा कि स्कूल में शिक्षक की कमी है जिसके कारण बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है इस बारे पहले भी सरकार को ज्ञापन सौंपा था । डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी अभी तक एक ही शिक्षक सेवाएं दे रहा है ना तो सरकार सुध ले रही है और ना ही शिक्षा विभाग । सरकार स्कूल की अनदेखी कर रही है । अगर जल्द ही स्कूल में शिक्षक तैनात नही किए गए तो बड़ा प्रदर्शन होगा। स्थानीय निवासी अरविंद शर्मा ने कहा कि पंचायत प्रधान स्थानीय लोगों ने स्कूल का निरीक्षण 1 महीने पहले भी किया था और सरकार को ज्ञापन सौंपा था लेकिन अभी तक सरकार ने स्कूल में शिक्षक भेजने को लेकर कोई सुध नहीं ली है । 4 किलोमीटर दूर से बच्चे स्कूल को पैदल आते हैं और यहां पर एक ही अध्यापक पांचवी कक्षा तक के बच्चों को पढ़ा रही है । अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो नाया पंजोर पंचायत के लोग सड़कों पर उतरेगे और सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे।
