अनिल कुमार,किन्नौर:जनजातीय ज़िला किन्नौर के प्रसिद्ध किन्नर कैलाश पंच कैलाशों में से एक है जिसे भगवान शिव का शीतकालीन निवास स्थान भी कहा जाता हैं, ऐसे में विश्वभर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु किन्नर कैलाश के दर्शन के लिए प्रशासन के तय समयानुसार आते हैं। प्रशासन की ओर से किनर कैलाश की यात्रा का शेड्यूल जारी किया जाता है जिसके बाद श्रद्धालुओं को यहां जाने की अनुमति दी जाती है लेकिन कुछ श्रद्धालु गुपचुप तरीके से किन्नर कैलाश की यात्रा करने निकल जाते हैं।
गुपचुप तरीके से यात्रा पर निकले श्रद्धालु क़ई बार पहाड़ो पर बर्फबारी व अन्य आपदाओं में फंस जाते है जिसमें लोगों की मृत्यु भी हो जाती हैं, ऐसे में एसपी किन्नौर विवेक चेहल ने लोगों को गुपचुप तरीके से किन्नर कैलाश की यात्रा करने से परहेज़ करने का आग्रह किया हैं।
एसपी किन्नौर विवेक चेहल ने कहा कि किन्नर कैलाश की यात्रा पर फिलहाल प्रशासन ने प्रतिबंध किया है क्योंकि किन्नर कैलाश की पहाड़ियों पर बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई हैं। कैलाश के आसपास नालों में ग्लेशियर भी गिरे हुए हैं लिहाजा नालों में ग्लेशियर के अलावा पहाड़ो से पत्थरों के गिरने का खतरा बना हुआ हैं जिसमें लोगों के जान माल का नुकसान हो सकता हैं। ऐसे में उन्होंने श्रदालुओं को किन्नर कैलाश की यात्रा तबतक नहीं करने की सलाह दी है जबतक प्रशासन की ओर से व कैलाश के यात्रा के प्रमुख द्वार पोवारी तांगलिंग गांव के स्थानीय कमेटी की ओर से नोटिफिकेशन नहीं की जाती हैं उसके बाद ही इस यात्रा को करने की अनुमति प्रशासन देगा।
उन्होंने कहा कि यदि कोई गुपचुप तरीके से किन्नर कैलाश की यात्रा करता हैं तो ऐसी परिस्थिति में किन्नौर पुलिस उक्त व्यक्ति जो बिना अनुमति के किन्नर कैलाश यात्रा कर रहा हैं पर कार्रवाई भी अमल में लाएगा। बता दें कि किन्नर कैलाश की यात्रा प्रशासन मौसम के मिजाज को देखते हुए जुलाई व अगस्त महीने के आसपास खोलता है और प्रशासन व स्थानीय ग्राम कमेटी के निगरानी में इस यात्रा को शुरू व अंत किया जाता हैं।
