राकेश, ऊना: राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य पर मंगलवार को जिला स्तरीय समारोह जिला कार्यक्रम अधिकारी के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने की। इस मौके पर राघव शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना हैं। देश में बालिका दिवस मनाने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य लड़कियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के प्रति जागरूक करना हैं।
राघव शर्मा ने कहा कि वर्ष 2015 में बेटियों का लिंगानुपात कम होने के चलते जिला को बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं अभियान में जोड़ा गया था। अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई जिसमें लोगों को बेटियों के प्रति जागरूक किया गया। वर्तमान में बेटियों का लिंगानुपात 938 पहुंच गया हैं। देश में लिंगानुपात में समानता लाने के लिए ओर बेटियों की सुरक्षा और कन्याभ्रूण हत्या को रोकने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बालिका दिवस आयोजित किया जाता हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को बेटियों के प्रति जागरूक किया जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि जिला में बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई जिसके काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इसके लिए उन्होंने आंगनबाड़ी वर्कर, सुपरवाईज़र, हेल्पर व आईसीडीएस की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिला में विभिन्न योजनाओं के तहत बेटियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त बेटियों को गोद लेने वाले माता-पिता और महिला उद्यमियों को भी सम्मानित किया जा रहा हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में बेटियां शिक्षा व खेल के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में काफी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर माता-पिता के साथ-साथ समाज का नाम रोशन कर रही हैं। समाज में बेहतर परिवर्तन के लिए सभी को बेटा-बेटी के भेदभाव को खत्म करना होगा। इस अवसर पर गरिमा योजना और संबल योजना के तहत 4 लाख 57 हज़ार 571 रूपए की आर्थिक सहायता राशि के चैक वितरित किए गए जिसमें अद्विती शर्मा, रूहानी ठाकुर व एकता को 21-21 हज़ार रूपए के चैक प्रदान किए। इसके साथ ही उपायुक्त ने फूड कोर्ट चला रही महिला उद्यमी सपना देवी ओर ऑटो रिक्शा चलाने वाली वंदना राणा को भी सम्मानित किया। इस मौके पर एक बूटा बेटी के नाम योजना के तहत जिला कार्यक्रम कार्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया।
