Kullu, Manminder -:जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में शुक्रवार को भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) ने मनरेगा योजना का नाम बदलने और चार श्रम कोड लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सीटू कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय के बाहर धरना देकर केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।
इस दौरान सीटू के जिला महासचिव राजेश ठाकुर ने कहा कि चार श्रम कोड मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं और इनसे देश में मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि इन कानूनों के विरोध में सीटू द्वारा देशभर में आंदोलन किए जा रहे हैं और किसी भी कीमत पर इन कोडों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।राजेश ठाकुर ने कहा कि ये श्रम कोड मजदूर विरोधी और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाले हैं। सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थिति संहिता 2020 को लागू किया है। इन कानूनों से संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूरों पर ठेका, कांट्रैक्ट और अस्थायी रोजगार थोपे जाने का खतरा बढ़ गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि नए कानूनों से ट्रेड यूनियनों के अधिकार सीमित होंगे और श्रम कल्याण की अवधारणा कमजोर पड़ेगी। इससे मजदूरों को कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि पूंजीपतियों को मजदूरों के शोषण का अधिक अधिकार मिल जाएगा। सीटू ने केंद्र सरकार से इन फैसलों को तुरंत वापस लेने की मांग की।
