संजु चौधरी, शिमला(TSN):हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत एसएमसी शिक्षक नियमितिकरण की मांग को लेकर मंगलवार को सचिवालय पहुंचे। सैंकड़ों की संख्यां में पूरे प्रदेश भर से आए शिक्षकों ने कहा कि अब आश्वासन नहीं दीपावली पर नियमतिकरण का तोहफा चाहिए। पूरे प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में लगभग 2500 एसएमसी शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षक संघ का कहना है कि वर्षों से प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद शिक्षकों का शोषण हो रहा हैं। शिक्षकों ने कहा अब आश्वासन नहीं जवाब चाहिए।
एसएमसी शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि वह उन्हें प्रदेश के मुखिया सुखविंदर सिंह सुक्खू से बहुत उम्मीदें हैं और आज उसी उम्मीद को लेकर वह सचिवालय पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2012 से सेवाएं दे रहे हैं और किसी भी सरकार ने आज तक उनके बारे में नहीं सोचा। कई शिक्षकों की उम्र अब 50 वर्ष हो गई है और आज तक सरकार व विभाग उनके प्रति बेरुखी का रवैया अपनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वह आज सीएम सुक्खू से मिलेंगे जननायक से बहुत उम्मीद हैं। उनसे मिलकर राहत कोष के लिए कुछ जमा पूंजी भी देंगे। साथ ही उनसे नियमतिकरण का आश्वासन भी लेंगे। उन्होंने कहा कि आज केवल कोरे आश्वासन से बात नहीं बनेगी बल्कि एक निश्चित अवधि का आश्वासन उन्हें चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदर्श भर में लगभग 2500 एसएमसी शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। यहां तक कि प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में भी वह सेवाएं दे रहे हैं,जहां अन्य लोग जाने से कतराते हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी 2012 से एक ही मांग है कि उन्हें नियमित किया जाए। पूर्व की सरकारों ने भी उनका केवल शोषण ही किया हैं। अब आश्वासन से बात नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि कमेटियों का निर्माण मात्र केवल ठगने के लिए किया जाता हैं अब यह नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि आज अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती तो वह सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
एसएमसी शिक्षक वीना व निर्मल ठाकुर ने कहा कि आज वह सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से दीपावली पर नियमतिकरण का तोहफा लेने आए हैं। उन्हें एक निश्चित समय अवधि चाहिए कि जिस तारीख को उनका नियमतिकरण किया जाए। आज ठगने वाले कोरे आश्वासन से बात नहीं बनेगी। उन्हें सीएम सुक्खू से बहुत उम्मीदें हैं।
