शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कमर्शियल गैस सिलिंडरों के आवंटन को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया है, जिससे अब होटल, ढाबे, रेस्तरां और विभिन्न उद्योगों को पर्याप्त गैस उपलब्ध हो सकेगी।
खाद्य आपूर्ति निगम की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके बाद बद्दी समेत प्रदेश के गैस प्लांटों में कमर्शियल सिलिंडरों की रिफिलिंग बढ़ा दी गई है। रविवार से पूरे प्रदेश में सिलिंडरों की आपूर्ति तेज हो जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को आसानी से गैस उपलब्ध होगी।
सरकार ने इस नई व्यवस्था में कई नए उद्योगों को भी शामिल किया है, जिन्हें पहले गैस सिलिंडर आवंटित नहीं किए जाते थे। अब स्टील, ऑटोमोबाइल, वस्त्र रंग-रसायन और प्लास्टिक जैसे 500 से अधिक उद्योगों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा, बशर्ते वे रोजगार सृजन और आवश्यक सेवाओं से जुड़े हों।
इसके साथ ही विभिन्न श्रेणियों के लिए सिलिंडर कोटा में भी बदलाव किया गया है। होटल, ढाबे, रेस्तरां, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और डेयरी सेक्टर को सबसे अधिक 43 प्रतिशत कोटा दिया गया है, जो पहले 36 प्रतिशत था। वहीं शिक्षण संस्थानों का कोटा घटाकर 33 प्रतिशत कर दिया गया है। अन्य श्रेणियों में भी मामूली कटौती की गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 6000 कमर्शियल सिलिंडरों की आवश्यकता होती है। पहले 20 प्रतिशत कोटे के चलते केवल 1200 सिलिंडर ही उपलब्ध हो पाते थे, जबकि अब आपूर्ति बढ़ाकर करीब 4000 सिलिंडर तक कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार इस फैसले से होटल कारोबारियों और उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर पर्यटन सीजन के दौरान गैस की कमी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल पंजीकृत उपभोक्ताओं को ही सिलिंडर आवंटित किए जाएंगे और निर्धारित कोटे का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
