मंजूर पठान,चंबा(TSN): प्रदेश में सरकार भले ही गुणवत्ता युक्त शिक्षा मुहैया करवाने के दावे कर रही हैं लेकिन इसके पीछे कितना सच हैं यह चंबा जिला के आंगनबाड़ी केंद्रों के हाल सपष्ट कर रहे हैं। हालात यह हैं कि महिला एवं बाल विकास विभाग तीसा के 148 आंगनबाड़ी केंद्र यहां किराए के मकान में चल रहे हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को और आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
पिछले कई वर्षों से 148 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के मकान में चल रहे हैं, ऐसे में कई दफा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सरकार को सूचित किया गया हैं। सरकार से आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन बनाने की मांग की गई हैं, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इस मांग को पूरा नहीं किया गया हैं।
सरकार की ओर से स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी में पढ़ रहे बच्चों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई गई हैं। ऐसे में सरकार को एक मर्तबा आंगनबाड़ी केंद्रों की ओर ध्यान देना चाहिए ,ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन हो और अधिक से अधिक मात्रा में आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे पहुंचे।
महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय तीसा में कार्यरत सुपरवाइजर पूजा कुकरेजा ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल आंगनबाड़ी केंद्र 195 है जिसमें से 20 के सरकारी भवन है, और 148 किराए के मकान में चल रहे हैं। वहीं 27 आंगनबाड़ी केंद्र प्राइमरी स्कूलों में चल रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा है कि सरकार जल्द से जल्द आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन बनाएं जाएं।
