संजु चौधरी,धर्मशाला(TSN): धर्मशाला विधानसभा शीतकालीन सत्र की शुरुआत बुधवार को भाजपा के विरोध प्रदर्शन के साथ हुई। सदन की कार्यवाही से पहले भाजपा ने सदन के बाहर प्रदेश की सुख सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया,हालांकि फिर सदन में भी पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप के बाण चलते रहे। वहीं सदन के भीतर विनय कुमार को विधानसभा का उपाध्यक्ष चुना गया। इसके लिए मुख्यमंत्री ने विनय कुमार को बधाई दी।
वहीं विधानसभा के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद विनय कुमार ने कहा कि आमतौर पर ऐसा कहा जाता है कि सिरमौर एक पिछड़ा हुआ क्षेत्र है लेकिन जिस तरह से वर्तमान सुक्खू सरकार में सिरमौर को प्रतिनिधित्व मिला है उससे सिरमौर के क्षेत्र में विकास को और गति मिलेगी। विनय कुमार ने कहा कि उनके स्वभाव के बारे में सभी विधानसभा के सदस्य वाकिफ है। कभी उनका किसी से कोई विरोध नहीं रहा, ऐसे में सभी को यह भरोसा होना चाहिए कि उनके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
भाजपा के विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ने कही ये बात
भाजपा के विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भाजपा के पास खाने के लिए कुछ नहीं बचा है ऐसे में खबरों में बने रहने के लिए यह प्रदर्शन कर रहे हैं उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता केंद्र जाएं और एसजीवीएन, टीएचडीसी जैसे उपक्रमों को वाटर सेज पर की गई याचिका को वापस लेने को कहे। मुख्यमंत्री ने कहा की उत्तराखंड में टिहरी डैम पर टीएचडीसी ने तो कोई याचिका दायर नहीं की, लेकिन इस पर विपक्ष के पास कोई जवाब नहीं हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नेता विपक्ष जय राम ठाकुर को भी निशाने पर लिया।
भाजपा के लोग अलग-अलग तरीकों से कर रहे झूठ बोलने का काम
विधानसभा सत्र के दौरान कर्ज का मुद्दा एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के लोग अलग-अलग तरीकों से झूठ बोलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश पर साढ़े 6 हज़ार करोड़ प्रति वर्ष कर्ज लेने की कर्ज लेने की सीमा लगा दी हैं।भाजपा के समय में यह सीमा 14,000 करोड़ की थी और भाजपा ने तय सीमा तक कर्ज लिया। ऐसे में भाजपा नेता वर्तमान सरकार पर कैसे कर्ज लेने का आरोप लगा रहे हैं।
