हिमाचल :चन्द्रिका (TSN)- हिमाचल प्रदेश की राजनीती में इन दिनों सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा और धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा चर्चा में हैं ।यह दोनों ही कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं और राज्य में कांग्रेस को सत्ता दिलाने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है,बावजूद इसके इन्हें अब तक मन्त्रीमंडल में जगह नहीं मिली हैं। इसके पीछे कारण चाहे कुछ भी हो लेकिन प्रदेश की जनता और कार्यकर्ताओं की पूरी सहानुभूति इन दोनों नेताओं के साथ जुड़ गई है।
प्रदेश कांग्रेस सरकार बनाने में दोनों नेताओं की रही महत्वपूर्ण भूमिका
प्रदेश कांग्रेस सरकार बनाने में इन दोनों नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।राजेंद्र राणा पूर्व मुख्यमंत्री धूमल को हराकर प्रदेश में एक राजनीतिक जाना माना राजनीतिक चेहरा बन चुके हैं। वहीं सुधीर शर्मा पूर्व वीरभद्र सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।हालांकि कांग्रेस सरकार के एक साल के कार्यकाल के जश्न को लेकर धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा को एक बड़ी जिम्मेदारी दी गयी थी और कयास लगायी जा रही थी कि उन्हें मन्त्रीमंडल में जगह मिल सकती है,लेकिन एसा नहीं हुआ । प्रदेश कांग्रेस सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में कई सराहनीय काम भी किए,लेकिन विधायक राजेंद्र राणा और विधायक सुधीर शर्मा जैसे वरिष्ठ नेताओं को मन्त्रीमंडल शामिल ना करना कहीं न कहीं आम लोगों और कार्यकर्ताओ के लिए निराशाजनक है ।पिछले साल जब कांग्रेस को बहुमत मिला तो प्रदेश के सभी कांग्रेस कार्यकर्ता और आम आदमी इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त था कि सुधीर शर्मा और राजेंद्र राणा नई कैबिनेट का एक बड़ा चेहरा बनेंगे। लेकिन दोनों नेताओं की वरिष्ठता को नजरअंदाज कर दिया गया। इस महीने जो बहु प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार हुआ उसमें भी इन दोनों नेताओं को जगह नहीं मिली। अब इसके पीछे का कारण क्या है ये असमंजस बना हुआ है।
राजेंद्र राणा क्या तलाश रहे राजनीति में विकल्प
उधर,राजेंद्र राणा ने तो खुलकर कह दिया है कि राजनीति में विकल्प हमेशा मौजूद रहते हैं। मंत्री न बनने के बावजूद राजेंद्र राणा इस समय सहानुभूति की जबरदस्त लहर पर सवार है। इसी तरह पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के साथ भी पूरे कांगड़ा जिला की जनता की सहानुभूति जुड़ गई है। खास बात यह भी है कि राजेंद्र राणा और सुधीर शर्मा की सोशल मीडिया पर पोस्टें चर्चा में भी रहती हैं ।
पक्ष विपक्ष दोनों में इनको लेकर चर्चा का बाजार गर्म
गौरतलब है कि सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा लगातार तीसरी बार सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से जीतकर सदन में आए हैं और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। पूरे प्रदेश में उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। खास बात यह है कि राजेंद्र राणा भी पीड़ित मानवता की सेवा और सामाजिक कार्यों को समर्पित एनजीओ के संस्थापक हैं जबकि सुधीर शर्मा भी सामाजिक कार्यों में अग्रसर हैं। कोरोना काल में भी राजेंद्र राणा और सुधीर शर्मा की एनजीओ ने सराहनीय कार्य करते हुए जनता के दिलों में अपनी विशेष जगह बनाई थी। यही वजह है कि मंत्रिमंडल में न होने के बावजूद यह दोनों नेता लगातार प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बिंदु बने हुए हैं और पक्ष विपक्ष दोनों में इनको लेकर चर्चा का बाजार गर्म है ।
