शिमला,संजु चौधरी (TSN)-बॉलीवुड अभिनेत्री एवं छोटी काशी मंडी की सांसद यानी कंगना रनौत की एक फिल्म जिसका नाम इमरजेंसी है.वह आज रिलीज हो चुकी है और पंजाब राज्य में खास कर इसका विरोध चल रहा है और बताया जा रहा है कि अगर यह फिल्म लॉन्च हुई तो सिख समुदाय की धार्मिक इतिहास के साथ छेद छाड़ होगी जिसका परिणाम गलत होगा ।ऐसे में मंडी में भी आज ही इमरजेंसी पिक्चर सिनेमा हॉल में लग चुकी है और अब बस लोगो का इंतजार मंडी का कुसुम थियेटर कर रहा है।लेकिन कई लोगों के अनुसार यह फिल्म पहले से ही विवादों में रह चुकी है और इसका लॉच भी सेंसर बोर्ड द्वारा रोका गया था।
मंडी के स्थानीय निवासी एवं कांग्रेस के स्टेट मीडिया पैनलिस्ट आकाश शर्मा के अनुसार इस फिल्म में इंदिरा गांधी की नेगेटिव रोल को दर्शाया गया है.जबकि हर एक आदमी की पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों साइड्स होती है लेकिन जान बुझ के कंगना रनौत द्वारा इंडिया की पूर्व में रह चुकी पीएम इंदिरा गांधी को टारगेट किया जा रहा है जो गलत बात है।आकाश शर्मा के अनुसार भारत वर्ष एक फूल के गुलदस्ते की तरह है जिसमें विभिन्न समुदाय के लोग भाई चारे के साथ रहते हैं और ऐसी फिल्में बनाने से उनमें फुट पड़ सकती है जो बिल्कुल गलत बात है।देश में इंदिरा के समय लगी इमरजेंसी में जो घटनाएं यहां घटी वो सबके मस्तिष्क में इफेक्ट किया है और पीछे जो चीज बीत चुकी है उन्हें बार बार दोहरा कर दंगों की स्थिति पैदा करना बहुत गलत बात है।आकाश शर्मा के अनुसार मंडी की नई बनी सांसद कंगना रनौत द्वारा यह वादा किया गया था कि इस लोकसभा क्षेत्र के लोगों की तकलीफ उनकी होगी लेकिन इलेक्शन होने के बाद से कंगना रनौत गायब है और जो बड़ी घटनाएं मंडी संसदीय क्षेत्र में हुई चाहे वो आग लगना हो या गंभीर एक्सीडेंट हो ऐसे में मंडी की सांसद लोगो को भूल गई है और वापस मुम्बई लौट कर बस बॉलीवुड का ही काम वह कर रही है।क्षेत्र के जनता की मुसीबतों से उनका कोई लेना देना ही नहीं है और लोग इस चीज को अब भली भांति जानने लगे हैं।
