संजीव महाजन,नूरपूर: हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस समय आर्थिक तंगहाली के दौर से गुजर रही हैं। सरकार के पास से कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं। इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया हैं कि वह 3 साल के अंदर प्रदेश की इस बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था को सुधारेगें। यह बात मुख्यमंत्री ने सोमवार को इंदौरा के चनौर में हुई जनसभा में मंच से उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए कही।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं के लिए जल्द ही रोजगार नीति लाई जाएगी। इस नीति को पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा। सरकारी क्षेत्र में खाली पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अच्छे अवसर देने को लेकर सरकार प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग निरस्त किया हैं ताकि युवाओं का भविष्य से न हो खिलवाड़।
वहीं उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि
प्रदेश पर 75 हजार करोड़ कर्ज हैं जो भाजपा की देन हैं । उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मियों को 11 हजार करोड़ के एरियर और डीए की किश्त देने में थोड़ा समय लगेगा। वहीं मुख्यमंत्री ने इंदौरा की जनता को भी आश्वासन दिया कि इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। सरकारी कर्माचारियों और अधिकारियों ने प्रदेश के विकास में अहम योगदान दिया हैं। हमारी प्रतिबद्धता थी, पहली कैबिनेट में ओपीएस देंगे ओर लोहड़ी पर हमने ये फैसला कर दिया हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम महज घोषणा नहीं करते, उसके लिए बजट का प्रावधान भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली कैबिनेट में 3 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं जिसमें ओपीएस लागू करने के साथ ही महिलाओं को 15 सौ रुपए और युवाओं को रोजगार को लेकर सब कमेटी बनाई।
