राकेश,ऊना: ऊना जिला की ग्राम पंचायत बेहड़ जसवां में 1.65 करोड रुपए की लागत से बनने वाले बनने वाली फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट का मंगलवार को शिलान्यास चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू ने किया। यह फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट ऊना जिला के बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने की दिशा में बेहतर पहल हैं। विश्व बैंक की ओर से हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के माध्यम से इस यूनिट को बनाया जा रहा हैं।
इस मौके पर विधायक सुदर्शन बबलू ने कहा कि इस फ्रूट प्रोसेसिंग इकाई के स्थापित होने से मुख्यतः ड्रैगन फ्रूट्स, अश्वगंधा, एलोवेरा, अंजीर तथा स्टीविया सहित विभिन्न प्रकार के फलों की भी प्रोसेसिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य मे इस क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट सहित फल उत्पादन से संबंधित अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा जिससे क्षेत्रवासियों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी। सुदर्शन बबलू ने क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं का आह्वान किया कि वे कृषि व बागवानी की आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए इसे व्यवसाय के रूप में अपनाएं।
वहीं उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने बताया कि विश्व बैंक की ओर से प्रदेश सरकार के सहायोग से बागवानी क्षेत्र में एक विकासात्मक परियोजना संचालित की जा रही हैं। इसी के तहत जिला में डैगन फ्रूट प्रोसैसिंग के लिए पहला प्रोजैक्ट स्वीकृत किया गया हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रोजैक्ट बेहड़ जसवां की उद्यमी रीवा सूद की ओर से लगाया गया है, जिसका अग्रीवा नेचुरली ब्रैंड के नाम से उत्पाद का विक्रय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला में गत दो-तीन वर्षों से ड्रैगन फू्रट की खेती आरंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा के माध्यम से भी ड्रैगन खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा हैं ताकि जिला के ज्यादा से ज्यादा किसान ड्रैगन
फ्रूट की खेती से जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों/बागवानों के लिए बेहतर योजना है। राज्य सरकार ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए बढ़ावा दे रही हैं, क्योंकि
ड्रैगन फ्रूट काफी मंहगा हैं। जो किसान खेती की माध्यम से अपनी आय में बढ़ौतरी करना चाहते है वे ड्रैगन फ्रूट की खेती की ओर अपनी रूचि बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि जिला का तापमान इस फ्रूट की खेती करने के लिए अनुकूल हैं। उन्होंने बताया कि ड्रैगन की खेती बंजर ओर असिंचित जमीन पर भी संभव हैं ओर इसके बेसहारा व जंगली जानवरों की ओर से उजाड़े जाने का खतरा भी कम है, इसलिए ड्रैगन की खेती इस क्षेत्र में लोगों की आय का प्रमुख साधन बन सकती हैं।
जिला में ड्रैगन फ्रूट उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों व बागवानों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि जिला में किसानों व बागवानों को ड्रैगन फ्रूट के 5000 पौधे दिए जा चुके हैं तथा कई लोग अपने स्तर पर भी ड्रैगन की खेती को अपना रहे हैं। उपायुक्त ने जिला के किसानों से आग्रह किया के वे ड्रैगन फ्रूट की खेती के प्रति रूझान पैदा करें ताकि वह इससे अच्छी कमाई करके अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर सकें।
