अरविंदर सिंह,हमीरपुर: 73वें संविधान स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को हमीरपुर जिला कांग्रेस कार्यालय में सभी कार्यकर्ताओं ने संविधान की मान्यता ओर उसकी सुरक्षा के लिए काम करने शपथ ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने पार्टी कार्यालय में 73वां संविधान स्थापना दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पार्टी जिला अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने आए हुए पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और संविधान की मान्यता व उसकी सुरक्षा को लेकर काम करने की शपथ भी दिलवाई।
इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, जिला प्रवक्ता रोहित शर्मा, कांग्रेस मीडिया सोशल मीडिया सेल के प्रदेश वाइस चेयरमैन शगुन दत्त शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान नेताओं ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और संविधान के खिलाफ काम करने के आरोप भी लगाए। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं की ओर से लाहौर अधिवेशन के समय भारत के संविधान को बनाने की नींव रखी गई थी और आजादी के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत गणराज्य के तहत इसे लागू किया गया।
केंद्र सरकार को देखते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में संविधान के मूल भावना के विपरीत काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस राजतंत्र को खत्म करने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों से लोहा लिया था आज उन्हीं को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान के खिलाफ काम करते हुए तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान की ओर से केंद्र सरकार के इसी रवैए के चलते आज देशभर में कांग्रेस पार्टी कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि संविधान को सुरक्षित रखने के लिए काम किया जा सके।
कुल्लू, मनमिंदर अरोड़ा: कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर के कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा शनिवार को संविधान दिवस मनाया गया। इस दौरान संविधान के निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को भी याद किया गया और संविधान के नियमों का पालन करने की भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शपथ ली। इस कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सेस राम आजाद विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यकारी अध्यक्ष सेस राम आजाद ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया था। जिसके उपलक्ष्य में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। वही, पहले इसे विधि दिवस के रूप में मनाया जाता था लेकिन संविधान दिवस मनाने की शुरुआत 2015 में हुई थी। सेस राम आजाद का कहना है कि भारत का संविधान, देश का सर्वोच्च कानून, मौलिक राजनीतिक संहिता, संगठनात्मक संरचना, संचालन प्रक्रियाओं और सरकारी संस्थानों की जिम्मेदारियों के साथ-साथ मौलिक अधिकारों, मार्गदर्शक सिद्धांतों और नागरिकों के कर्तव्यों को परिभाषित करने के लिए रूपरेखा स्थापित करता है।
संजु चौधरी, शिमला: 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत गणराज्य का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ था। संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस दिन संविधान को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित किया था। इसी दिन के उपलक्ष्य पर शनिवार को कांग्रेस कमेटी की ओर से कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में संगोष्ठी आयोजन किया गया। कांग्रेस ने इस दौरान संविधान की रक्षा की शपथ ली। कांग्रेस कमेटी के महासचिव देवेंद्र बुशहरी ने कहा कि संविधान को बनने मे 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था और इस संविधान में देश के हर वर्ग और हर व्यक्ति के लिए मौलिक अधिकार दिए गए थे। इन मौलिक अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता के आधार पर ही भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान बनकर अपनी एक अलग पहचान लिए हुए हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी की ओर से इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए है और संविधान के पालन की शपथ भी ली गई है।

