मंडी : धर्मवीर (TSN)- क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी मामले में एसआईटी प्रमुख के निर्देश पर मंडी पुलिस ने एक साथ 18 जगहों पर दबिश देकर संदिग्धों के घरों में जांच पड़ताल की। इस मामले से जुड़े मुख्य आरोपियों के अलावा एजेंट की भूमिका निभा रहे संभावित लाेगों के घरों को मंडी पुलिस ने खंगाला। सुबह छह बजे से लेकर दोपहर बाद तक पुलिस का यह अभियान जारी रहा। इस दौरान कई लैपटॉप, मोबाइल, कंप्यूटर, टैब व चल अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। जिन्हें एसआईटी को सौंपा जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि धनोटू पुलिस थाना के तहत चार, सुंदरनगर पुलिस थाना के तहत पांच, बल्ह थाना के तहत तीन, सरकाघाट थाना के तहत एक, धर्मपुर के तहत दो और मंडी शहर में दो समेत कुल 18 जगह दबिश दी। यहां गोपनीय तरीके से कार्रवाई अमल पर लाई गई। ठगी की धनराशि की ट्रेल पता लगाने के लिए यह कार्रवाई अमल पर लाई गई है। पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी का पैसा कहां खुर्द बुर्द किया गया है। दबिश के दौरान इस मामले से जुड़े आरोपियों के कुछ साथी पुलिस को घर में ही मिले। जबकि कुछ जगह में साथी मौजूद नहीं पाए गए। यहां संदिग्धों के बूढ़े मां-बाप ही पुलिस को मिले। जांच में सामने आया कि यह लोग कुछ सालों से घर में नहीं रह रहे हैं। धर्मपुर के कौंसल गांव में मुख्य आरोपी सुखदेव के घर भी धर्मपुर पुलिस पहुंची। यहां टीम ने परिजनों से पूछताछ की। सुखदेव की पत्नी का मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिया है। यहां टीम में विस्तार से जांच पड़ताल की। सुखदेव को लेकर भी पड़ताल में कई तथ्य जुटाए। अलग-अलग जगहों में दबिश के दौरान टीम ने चल-अचल संपत्ति को लेकर दस्तावेज जांचे और इन्हें कब्जे में लिया।
लैपटॉप, मोबाइल, कंप्यूटर, टैब, चल-अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज किए जब्त
मुख्य आरोपी सुभाष, सुखदेव व हेमराज के अलावा अन्य 15 लोग इनसे जुड़े ही बताए जा रहे हैं। जोकि इस पूरे खेल में एजेंट की भूमिका के रूप में बताए जा रहे हैं। इनके मोबाइल, लैपटॉप समेत अन्य चीजों से अब एसआईटी को कई तथ्य इस ठगी से जुड़े मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि क्रिप्टो करेंसी के नाम पर शातिर हजारों लोग को करोड़ों रुपये का चूना लगा गए हैं। अब ठगी के शिकार लोग धनराशि वापस मिलने की उम्मीद में मंडी साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवा रहे हैं।
उधर, इस संबंध में एएसपी मंडरी सागर चंद्र से पूछने पर उन्होंने बताया कि एसआईटी के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। इससे अधिक इस मामले में मीडिया से कुछ नहीं शेयर किया जा सकता है। एसआईटी ही इस पूरे मामले में गहनता से जांच कर रही है।
