राहुल चावला, धर्मशाला। कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। अपने बयान में ‘झंड’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस के निशाने पर आए धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने अब पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ‘झंड’ न तो कोई गाली है और न ही असंवैधानिक शब्द। उन्होंने दावा किया कि यह आम बोलचाल में इस्तेमाल होने वाला शब्द है, जिसे कांग्रेस ने बेवजह राजनीतिक मुद्दा बना दिया।
सुधीर शर्मा ने कहा कि उनके बयान के बाद पैदा हुए विवाद के लिए वह जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने उनके बयान को जगह-जगह प्रचारित कर विवाद को बढ़ाया। उनके खिलाफ पुतले जलाए गए और कई तरह की टिप्पणियां की गईं, लेकिन उन्होंने कांग्रेस नेताओं की ओर से उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर कभी इस तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी।
भाजपा विधायक ने कहा कि वह शब्दों का इस्तेमाल पूरी सोच-समझकर करते हैं और उनके संस्कारों पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने हमेशा भाषा की मर्यादा का ध्यान रखा है। तंज कसते हुए सुधीर शर्मा ने कहा, “मेरे पास शब्दकोश है और मुझे पता है कि किस शब्द का इस्तेमाल कहां करना है।”सुधीर शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले अपने बयानों और भाषा पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उपचुनाव के दौरान खुले मंचों से उनके परिवार और संस्कारों को लेकर भी कई टिप्पणियां की गई थीं, लेकिन उन्होंने उस समय संयम बनाए रखा।
मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर भी सुधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार में मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर अंदरखाने दबाव की राजनीति चल रही है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर कांग्रेस नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई नेता उनके मित्र हैं और आज भी उनसे बातचीत होती रहती है। सुधीर शर्मा के मुताबिक, कई कांग्रेस नेता मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में फंस चुके हैं। वे न तो खुलकर सरकार के खिलाफ बोल पा रहे हैं और न ही मौजूदा स्थिति को स्वीकार कर पा रहे हैं।भाजपा विधायक ने दावा किया कि सरकार पर जनता का दबाव लगातार बढ़ रहा है। लोगों में यह धारणा है कि प्रदेश में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी दबाव और कथित राजनीतिक मजबूरी के चलते कांग्रेस नेताओं की ओर से बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने इसे कुर्सी बचाने और पद हासिल करने की कोशिश करार दिया और कहा कि ऐसे बयानों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
