Shimla, Sanju (TSN)-शिमला जिले के ढली क्षेत्र में फोरलेन सड़क निर्माण ने लिंडीधार गांव के निवासियों की नींद उड़ा दी है। बारिश के दौरान निर्माणाधीन डंगे के ढहने से जहां एक ओर सेब का बगीचा बर्बाद हो गया, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के घर भी खतरे की जद में आ गए हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कुछ परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
लिंडीधार गांव में फोरलेन निर्माण कार्य लापरवाही का पर्याय बन गया है। बीते रविवार बारिश के दौरान सड़क किनारे बना डंगा ध्वस्त हो गया, जिससे एक पूरा सेब का बाग तबाह हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी द्वारा घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है और मिट्टी के अस्थायी डंगे बनाकर औपचारिकता निभाई जा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिमला ग्रामीण के एसडीएम मंजीत शर्मा मंगलवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों को तलब कर फटकार लगाई और सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश दिए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
एसडीएम मंजीत शर्मा ने कहा, “लोगों की जान को खतरा नहीं होने देंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी को रिपोर्ट भेज दी गई है और शुक्रवार को इस मुद्दे पर विस्तृत बैठक बुलाई गई है।”
नेशनल हाईवे अथॉरिटी का बयान:
जनरल मैनेजर कुलदीप गुजराल ने कहा कि “लोगों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाएगी और निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
ग्रामीणों का कहना ये
- “हम डर के साए में जी रहे हैं। कई परिवार अपने घर छोड़कर जा चुके हैं। जब तक पक्का समाधान नहीं होता, हम लौट नहीं सकते।”
- “सिर्फ मिट्टी से डंगे बनाकर हमारी सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया है।”
