भावना,शिमला: प्रदेश में पशुओं में फैली लंबी महामारी दुधारू पशुओं की लगातार मौत हो रही है। हिमाचल में लगातार पशु इस महामारी की चपेट में आ रहे हैं, ऐसे में इस महामारी को लेकर कांग्रेस ने चिंता जताते हुए सरकार पर इस महामारी को रोकने के लिए कारगर कदम ना उठाने के आरोप लगाए है।
कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख और प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश में लंपी वायरस से फैल रही बीमारी से बड़ी संख्या में दुधारु पशुओं की मौत हो रही है। बीमारी से अभी तक करीब 1 हजार पशुओं की मौत हो चुकी है और 40 हजार से अधिक पशुओं को यह बीमारी अपनी चपेट में ले चुकी है।
उन्होंने कहा कि पशुपालकों पर इस समय बड़ी आपदा आ गई है ओर सरकार बीमारी को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर उत्सव मनाने में व्यस्त है। मुख्यमंत्री और मंत्री को पशुपालक किसानों की कोई चिंता नहीं है। सरकार ने अभी तक न तो बीमारी को फैलने से रोकने के कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
नरेश चौहान ने कहा कि कांगड़ा, ऊना और सिरमौर जिले में सबसे अधिक लंपी वायरस से दुधारु पशुओं की मौत हो रही है। एक पशुपालक के चार-चार पशुओं की मौत लंपी वायरस से हो चुकी है। विडंबना है कि उत्सव मनाने में व्यस्त जयराम सरकार किसी भी पशुपालक की मदद नहीं कर रही। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर झूठी घोषणाएं कर रहे है। वे कभी कह रहे हैं कि बीमारी को रोकने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, कभी 30 हजार रुपए का मुवाअजा देने की बात कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि किसान विरोधी जयराम सरकार की ओर से बीमारी को रोकने और पशुपालकों, किसानों को राहत देने के कोई कदम नहीं उठाए जा रहे है,जिससे साफ है कि सरकार को किसानों की चिंता नहीं है। नरेश चौहान ने सरकार से मांग की है कि सरकार जल्द ही स्पेशल टास्क फोर्स का गठन की बीमारी को फैलने से रोके और जिन पशुपालकों के दुधारु पशुओं की मौत लंपी वायरस के कारण हुई है, उन्हें तत्काल मुआवजा दिया जाए।
