राहुल चावला , धर्मशाला: प्रदेश में पशुओं ने फैली लंपी वायरस से मौत हो रही है। पशुपालकों को अपने दुधारू पशुओं को इस बीमारी की वजह से खोना पड़ रहा है जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है लेकिन सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। पशुपालकों की इसी समस्या को लेकर सोमवार को विधानसभा शाहपुर क्षेत्र के पशु पालक एवं पंचायत प्रतिनिधि प्रधान उप प्रधान वार्ड सदस्य के प्रतिनिधि मंडल ने स्थानीय शाहपुर कांग्रेस प्रतिनिधि प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानिया को पशुओ की लंपी स्किन बीमारी लेकर ज्ञापन सौंपा ।
इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अवगत करवाया की आज दुधारू पशु लंपी स्किन बीमारी के कारण ग्रसित हो कर मौत का शिकार हो रहे है लेकिन पशु पालन विभाग की तरफ से कोई भी सुविधा पशुपालकों को नहीं दी जा रही है। जो पशु पालक अपने परिवार का पालन पोषण दूध बेच कर कर रहे है उनको अपने पशुओं को इस बीमारी से बचाने के लिए महंगी दवाइयां खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से कोई भी सहायता नहीं मिल रही है।
वहीं पठानिया ने पंचायत प्रतिनिधियों एव पशु पालकों को आश्वस्त किया कि आपकी पशुओं को लंपी स्किन बीमारी की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ओर पशुपालन विभाग के मंत्री को खत लिख कर अवगत करवा दिया गया है। इस पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि केंद्र की सरकार लंपी बीमारी को राष्ट्रीय महामारी घोषित करें। प्रदेश सरकार जल्द ही पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों से बैठक लेकर एक अधिकारियों की टास्क फोर्स टीम तैयार करके गांव-गांव में भेज कर पशुओं का इलाज किया जाए जिससे गरीब पशुपालक राहत की सांस ले।
पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार पशु पालकों की इस समस्या के लिए गंभीर नहीं है,जिससे इसका खमियाजा गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है।पठानिया ने कहा कि सरकार ने जनता को ठगने का काम किया है। झूठी घोषणाए करके एक तरफ सरकार इस बीमारी के इलाज के लिए पशु पालकों को 3500 रुपए देने के साथ ही मुफ्त दवाई देने की बात कर रही है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं किया जा रहा है। पशु पालक अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है।
