मंडी, धर्मवीर -: हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सुक्खू सरकार द्वारा प्रशासनिक आयोग का गठन करने के फैसले का प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्य प्रवक्ता डॉ. जय कुमार आजाद ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे दूरदर्शी, ऐतिहासिक और समय की जरूरत के अनुरूप उठाया गया कदम बताया। डॉ. आजाद ‘सरकाघाट जिला बनाओ संघर्ष समिति’ के महासचिव भी हैं।यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. आजाद ने कहा कि सरकाघाट को जिला बनाने की मांग प्रशासनिक और भौगोलिक, दोनों दृष्टियों से पूरी तरह तर्कसंगत है। उन्होंने कहा कि सरकाघाट प्रदेश के बड़े राजस्व उपमंडलों में शामिल रहा है। इसकी भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि इसका एक छोर कांगड़ा और हमीरपुर जिलों की सीमाओं के समीप है, जबकि दूसरा छोर बिलासपुर जिले से सटा हुआ है। ऐसे में सरकाघाट को जिला बनाने से क्षेत्र में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार और लोगों को सरकारी सेवाएं सुलभ कराने में मदद मिल सकती है।
डॉ. आजाद ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के फैसले को राजनीतिक दिखावा और काल्पनिक घोषणा बताने वालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 1984 से मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उनकी कार्यशैली, क्षमता तथा निर्णय लेने की योग्यता को करीब से जानते हैं। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री अपने फैसलों को धरातल पर उतारने का सामर्थ्य रखते हैं।उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध और अनेक चुनौतियों के बावजूद मुख्यमंत्री ने अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई है। प्रशासनिक आयोग का गठन प्रदेश की जरूरतों के अनुरूप बदलाव करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।डॉ. आजाद ने सरकाघाट और धर्मपुर की जनता से अपील की कि वे राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर सरकाघाट को जिला बनाने की मांग का एकजुट होकर समर्थन करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और भावी पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए यह मांग महत्वपूर्ण है।
