शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर राजधानी शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया। पांच दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिन सैकड़ों कर्मचारी कुसुंपटी स्थित नेशनल हेल्थ मीशन (एनएचएम) कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रदर्शन सीटू के बैनर तले आयोजित किया गया। यूनियन नेताओं का आरोप है कि एंबुलेंस सेवा में कार्यरत पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारियों को तय न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। 12-12 घंटे की ड्यूटी के बावजूद ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता। इसके अलावा साप्ताहिक अवकाश, वार्षिक छुट्टियां और अन्य श्रम अधिकारों का भी सही ढंग से पालन नहीं हो रहा है।कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ईपीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं में अनियमितताएं हैं और जो कर्मचारी अपनी आवाज उठाते हैं, उन्हें प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि श्रम विभाग और न्यायालयों के निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार नहीं हुआ है।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर राज्यव्यापी बड़ी हड़ताल भी की जा सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।यूनियन प्रतिनिधि ने कहा कि कर्मचारियों का उद्देश्य सेवा बाधित करना नहीं, बल्कि अपने वैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है।
