मंडी,धर्मवीर(TSN)-किसानों की समस्यायों के स्थाई समाधान के लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा। इससे जहां किसानों और विभागों का समय बचेगा वहीं योजनाओं के लिए जारी धनराशि का भी सही उपयोग होगा। यह बात चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने कृषि विज्ञान केंद्र मंडी में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए विभागों को एक ग्रुप के तौर पर कार्य करना चाहिए। इसके अंतर्गत एक विभाग द्वारा क्लस्टर में आयोजित कार्यक्रम में अन्य विभाग के अधिकारी भी भाग लें। इससे कार्य से संबंधित जानकारी अन्य विभागों को मिलने से इसमें पहले से कार्य कर रहे विभाग के साथ मिलकर कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे धरातल पर अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं और इनका क्रियान्वन अन्य जगहों पर भी किया जा सकता है।
वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में इस पर गहनता से किया गया मंथन
बता दें कि कृषि विज्ञान केंद्र मंडी की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन केंद्र के परिसर में किया गया। इसमें समिति के विभागीय सदस्यों के साथ किसान सदस्यों ने भी भाग लिया।बैठक की अध्यक्षता करते हुए हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति डॉ.नवीन कुमार ने सरकार द्वारा कलस्टर स्तर पर कार्य करने पर प्रोत्साहन दिए जाने पर सभी विभागों को आपस में सामन्जस्य स्थापित कर किसानों की समस्याओं का स्थाई समाधान प्रदान करने के निर्देश दिए।उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से आग्रह किया कि विभाग कलस्टर स्तर पर एकीकृत तौर से गतिविधियों को शामिल करें जिससे किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी की जा सके।ऐसे कलस्टर विकसित हो जाने पर अन्य किसानों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं सहायता समूह या कृषक उत्पादक संगठनों को सस्टेन करने के लिए के लॉग टर्म रोड़ मैप बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
