शिमला : कमल भारद्वाज ( TSN)- विधानसभा के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोक झोंक देखने को मिल रही है । सदन के अंदर एक बार फिर लंबित पड़ी भर्तियों के मामले पर बहस छिड़ी, तो ऊर्जा नीति को लेकर भी जमकर वाद विवाद हुआ । इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक बार फिर आमने-सामने दिखे ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों पर इंक्वारी नहीं चल रही है,उन पर भर्तियां चल रही है और 3 महीने के अंदर बाकी बचे पोस्टकार्ड पर भी भर्तियां की जाएगी । इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ऊर्जा नीति को लेकर भी पूर्व सरकार पर ह+मला किया ।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रोजगार के मुद्दे पर सवाल पूछा था और बाद में वह अधीनस्थ चयन बोर्ड के मुद्दे पर पहुंच गए । मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के दौरान अधीनस्थ चयन बोर्ड ने पेपर कैसे बेचे इसका ब्योरा सरकार ने सदन में दिया है ।सीएम ने कहा कि 339 पोस्ट कोड और फार्मासिस्ट पर भर्तियां चल रही है । इसके अलावा 9 पोस्ट कोड ऐसे हैं जिन पर अभी इंक्वारी चल रही है । जबकि 13 पोस्टकोड पर कोई इंक्वारी नहीं चल रही है ।ऐसे में तीन महीनों में इन पोस्ट कोड पर भर्तियां की जाएगी ।
वहीं रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हमारी सरकार ने इस साल के अंत तक 10 हज़ार भर्तियों की बात कही थी और सरकार उसे करेगी ।
भाजपा ने ऊर्जा क्षेत्र में बेचे हिमाचल के हित
वहीं सदन के भीतर ऊर्जा नीति को लेकर सवाल उठे तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर ही ह+मला बोल दिया । सीएम सुक्खू ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर प्रदेश के हितों को बेचने का आरोप लगाते हुए कहा कि सुन्नी, लूरी जैसे हाइड्रो प्रोजेक्ट से सरकार ने प्रदेश के हित की 12 फीसदी रॉयल्टी नहीं लीमुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रदेश को मिलने वाली रॉयल्टी को डैफर कर दिया गया । सीएम ने कहा कि सरकार ने SJVNL को नोटिस दिया है की बिना इंप्लीमेंट एग्रीमेंट कैसे कर दिया गया, SJVNL को पत्राचार के निर्देश दिए गए हैं ।
