हमीरपुर, अरविंद-: जिला हमीरपुर के कैहडरू क्षेत्र में निर्माणाधीन ग्रामीण मल्टीपर्पज कैफेटेरिया तेजी से आकार ले रहा है। यह परियोजना न केवल पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और हिमाचली व्यंजनों से रूबरू कराएगी, बल्कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण उपायुक्त हमीरपुर गन्धर्वा राठौर ने किया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के माध्यम से विकसित किए जा रहे इस कैफेटेरिया पर लगभग 1.12 करोड़ रुपये की लागत व्यय की जा रही है। यहां स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न घरेलू और हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही कैफेटेरिया में पारंपरिक हिमाचली व्यंजन भी परोसे जाएंगे, जिससे स्थानीय खानपान को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटक प्रदेश के असली स्वाद का आनंद ले सकेंगे।शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित होने के कारण यह कैफेटेरिया यात्रियों और पर्यटकों के लिए एक आकर्षक पड़ाव बनेगा। यहां आने वाले लोगों को घर जैसा भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण जीवनशैली से जुड़े उत्पाद भी एक ही स्थान पर मिल सकेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों की पहचान बढ़ेगी और उनकी बाजार तक पहुंच भी मजबूत होगी।
उपायुक्त गन्धर्वा राठौर ने कहा कि कैहडरू क्षेत्र अब नगर निगम के दायरे में आता है और यहां विकसित किया जा रहा यह ग्रामीण कैफेटेरिया महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने हाथों से तैयार उत्पादों की बिक्री कर अपनी आय बढ़ा सकेंगी, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने इस परियोजना के विस्तार और बेहतर संचालन के लिए ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक को विस्तृत प्रस्ताव भी भेजा है। परियोजना पूरी होने के बाद यह केंद्र स्थानीय रोजगार, महिला उद्यमिता, ग्रामीण उत्पादों के विपणन और पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रमुख माध्यम बनेगा। साथ ही यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और स्थानीय संस्कृति को नई पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
