Bilaspur, Subhash-:हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के तहत दकड़ी पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन एवं लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने 20.43 लाख रुपये की लागत से राजकीय उच्च विद्यालय चुवाड़ी में निर्मित मुख्य द्वार और बाउंड्री वॉल का उद्घाटन किया। इसके पश्चात 41.91 लाख रुपये की लागत से तैयार सामुदायिक केंद्र चुवाड़ी का भी लोकार्पण किया गया।
चुवाड़ी पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा मंत्री राजेश धर्माणी का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा व सामुदायिक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।गौरतलब है कि हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में दिल्ली में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक में हिमाचल प्रदेश की ओर से तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भाग लिया। इस बैठक में उन्होंने प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार आ रही प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए हिमाचल को विशेष आर्थिक पैकेज दिए जाने की मांग रखी।
मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से जोन-6 में आता है, जिसके चलते भूकंपरोधी भवनों के निर्माण पर लगभग 25 प्रतिशत अतिरिक्त खर्च आता है। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहायता देने का आग्रह किया।
इसके अलावा उन्होंने भानुपल्ली-बिलासपुर रेलवे लाइन में प्रदेश पर पड़ रहे 38.24 प्रतिशत खर्च को कम करने, चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन का पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन करने, कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की लागत केंद्र द्वारा उठाने, ऊना में बल्क ड्रग पार्क से संबंधित सड़क और जल योजनाओं का खर्च केंद्र सरकार से देने की मांग रखी।मंत्री ने 15वें वित्त आयोग के तहत रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट में भारी कटौती का मुद्दा भी उठाया तथा ओपीएस लागू होने से घटाई गई ऋण सीमा को बढ़ाने और एनपीएस की राशि प्रदेश को देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने बीबीएमबी में हिमाचल के हिस्से, शानन पावर प्रोजेक्ट को प्रदेश को सौंपने जैसे महत्वपूर्ण विषय भी केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष रखे।राजेश धर्माणी ने उम्मीद जताई कि आगामी केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश की इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे प्रदेश के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।
