अनिल नेगी, किन्नौर: किन्नौर जिला के निचार उपमंडल में 1 करोड़ 50 लाख की लागत से विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस राशि से होने वाले कार्यों का लोकार्पण ओर शिलान्यास हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी किए है।
सूरत नेगी ने रावा से विकासनगर तक बनने वाली स्पेन (रज्जू-मार्ग) का शिलान्यास किया जिस पर 20 लाख रुपए की राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने जातिदा से किलंग-पू तक बनने वाले सड़क-मार्ग का भी शिलान्यास किया जिसके लिए प्रारंभिक तौर पर 10 लाख रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने महिला मंडल पत्थर -पूह के भवन का भी शिलान्यास किया। इसके निर्माण के लिए प्रारंभिक तौर पर 3 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। सूरत नेगी ने महिला मंडल बरी के भवन की भी आधार शिला रखी। इसके निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की राशि जारी की गई है।
सूरत नेगी ने 80 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन बरी का लोकार्पण भी किया। उन्होने कहा कि सामुदायिक भवन बरी के बन जाने से बरी गांव व इसके आस-पास के गांव के लोग लाभांवित होंगें।
उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार जनजातीय जिला किन्नौर के चहुंमुखी विकास के प्रति वचनबद्ध रही है। मुख्यमंत्री की ओर से हाल ही में किन्नौर जिले के प्रवास के दौरान जिले के सर्वांगिण विकास के लिए 53 करोड़ 78 लाख रुपए की 19 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए गए जो प्रदेश सरकार की जनजातीय क्षेत्रों के विकास के प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं व कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं। प्रदेश में आज ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से आरंभ की गई किसी न किसी योजना से लाभांवित ना हुआ हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में किन्नौर जिला में हर क्षेत्र में विकास सुनिश्चित हुआ है ओर विकास के कई क्षेत्रों में आज किन्नौर जिला प्रदेश में अग्रणी जिला बनकर उभरा है।
सूरत नेगी ने कहा कि जिले में गत साढ़े चार वर्षों के दौरान विभिन्न पंचायतों व गांव में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से 19 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी ह, जबकि इस वित्त वर्ष के दौरान 2 करोड़ 30 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि जिले में एकीकृत बागवानी मिशन के तहत गत साढ़े चार वर्षों के दौरान स्प्रेयर, टिल्लर, मौन-पालन, क्षेत्र विस्तार फल व सब्जी व पैंकिग शैड स्थापित करने के लिए 1223 बागवानों को 1 करोड़ 76 लाख 48 हजार रुपए का उपदान दिया गया। वहीं राष्ट्रीय विकास कृषि योजना के तहत 261 बागवानों को 47 लाख 78 हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया गया। 20 सूत्री आर्थिक कार्यक्रम के तहत आई.आर.डी.पी के तहत 1119 परिवार लाभांवित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिले के लिए भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की ओर से 50 करोड़ रुपए का कल्स्टर विकास कार्यक्रम स्वीकृत किया गया है।
