rराहुल चावला,धर्मशाला: धर्मशाला स्मार्ट सिटी को बुधवार को 15 इलेक्ट्रिकल बसों की सौगात मिल चुकी हैं। खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने अपने जीवन का पहला बजट प्रस्तुत किया था तब विधानसभा में हमने इस बात पर जोर दिया था कि हम 31 मार्च 2026 तक समूचे हिमाचल प्रदेश में चल रहे कॉमर्शियल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने का प्रयास करेंगे। आज उस दिशा में हम आगे भी बढ़ रहे हैं,जिसकी बानगी आज धर्मशाला से समूचा प्रदेश देख भी रहा हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज धर्मशाला के बस स्टैंड से जहां 15 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई हैं। आगे आने वाले सालों में समूचा बस डिपो इलेक्ट्रिक बसों से ही भरा हुआ मिलेगा। इतना ही नहीं हिमाचल के शिमला और धर्मशाला दो ऐसे स्टेशन हैं जो कि पर्यटन की लिहाज़ से सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं और यहां से इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत होगी तो प्रदेश को हरित प्रदेश बनाने में सफलता मिलेगी जो कि सरकार का साल 2026 तक लक्ष्य हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आज जहां हम अपनी वचनवद्धता के मुताबिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर चुके हैं वहीं धर्मशाला के बस स्टैंड को आधुकनिक बस स्टैंड बनाया जाए इसके लिए भी भूमि पूजन किया गया हैं। इस बस स्टैंड को 18 महीने में बनाकर लोगों के सपुर्द कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि काम में देरी को सरकार किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगी, भले ही धन जितना ज़्यादा खर्च हो जाए होने दो मगर काम में लेटलतीफी बर्दास्त नहीं होगी।
जयराम ठाकुर बताए उनके समय में क्यों नहीं हुई जांच
वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय पर भ्रष्टाचार संबधी आरोपों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जबाव देते हुए कहा कि सीबीआई उनके पास हैं यानी केंद्र में, वो चाहें तो वहां से जांच करवा सकते हैं। उनके जमाने में भी इस तरह के कई गुमनाम लैटर वायरल होते थे उनकी कितनी जांच हुई है और गुमनाम चिट्ठी पर कोई क्या कर सकता हैं।
कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने में नहीं हैं कोई चुनौती
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने की राह में चुनौतियों संबंधित सवाल का जबाव देते हुए कहा कि सरकार ने इसके लिए पहले से ही तीन हज़ार करोड़ रुपए का प्रावधान किया हैं। ऐसे में कांगड़ा पर्यटन का हब बनेगा उसमें किसी तरह से चुनौती का काम नहीं हैं। यहां हैल्थ, एडवेंचर, वॉटर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई आयाम हैं और कई बनाए जा रहे हैं।
