संजु चौधरी, शिमला: शिमला के मिडिल बाजार में 18 जुलाई को एक रेस्तरां में हुए विस्फो+ट के पीछे के वजह क्या थी इसका खुलासा हो चुका हैं। पता चला है कि यह धमाका किसी और वजह से नहीं बल्कि एलपीजी सिलेंडर गैस के रिसाव की वजह से ही हुआ था। इसके पीछे कोई और वजह शामिल नहीं थी,फोरेंसिक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ हैं।
बता दें कि इस हादसे में एक व्यक्ति की मौ+त हो गई थी और 13 अन्य घायल हो गए थे। इस रिपोर्ट के बाद अब किसी भी साजिश की अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया हैं क्योंकि जांच में किसी विस्फोटक सामग्री का अवशेष नहीं मिला हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विस्फोट स्थल पर डेटोनेटर या टाइमर जैसे विस्फो+टक उपकरणों का कोई टुकड़ा नहीं पाया गया हैं।
शिमला एसपी संजीव गांधी ने बताया कि मिडिल बाजार में जो धमाका हुआ था उसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था और इसमें फोरेंसिक एक्सपर्ट भी शामिल थे। धमाके के बाद स्पॉट पर बारिकी से जांच की गई और अवशेष इक्कठे किए गए थे ओर मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी लिए गए थे। अब फोरेसिंक रिपोर्ट आई है जिसमें रेस्टोरेंट में धमाका गैस रिसाव के चलते हुए था यह बात कही गई हैं।
बता दें कि 18 जुलाई को मिडल बाजार में एक जोरदार धमाका हुआ था। धमाका इतना जोरदार था कि इससे जहां एक व्यक्ति की मौ+त हो गई तो वहीं इसका असर शिमला के रिपन अस्पताल और मॉल रोड की दुकानों तक हुआ था। यहां तक की आसपास की दुकानों को भी इस धमाके के चलते काफी नुकसान भी हुआ था। वहीं मॉल रोड पर स्थित शोरूम के शीशे भी इस धमाके के चलते टूट गए थे। धमाके की तीव्रता को देखते हुए अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे थे वहीं भाजपा की ओर से इस धमाके की गहराई से जांच करने की मांग की जा रही थी। इसी के चलते सरकार ने धमाके की जांच को लेकर गंभीरता दिखाई और अब यह स्पष्ट हो चुका है कि यह धमाका एलपीजी गैस के रिसाव के चलते ही हुआ था।
