Shimla,Sanju-देश के तीन प्रमुख पहाड़ी राज्यों—हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर—के सेब उत्पादकों ने शिमला के कालीबाड़ी हॉल में एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद की। एप्पल फार्मर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFFI) और हिमाचल सेब उत्पादक संघ की संयुक्त आम सभा में बड़ी संख्या में किसान-बागवान शामिल हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष की रणनीति बनाई।
बैठक में AFFI के राष्ट्रीय संयोजक और जम्मू-कश्मीर के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार घोषणाओं और वादों में अव्वल है, लेकिन ज़मीन पर उन्हें लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं है।उन्होंने कहा कि खाद, कीटनाशक और फसल बीमा जैसी मूलभूत ज़रूरतों पर भी किसानों को राहत नहीं मिल रही, और अमेरिका के दबाव में भारतीय बाजार को विदेशी सेबों के लिए खोलना देश के बागवानों की आजीविका पर सीधा हमला है।
मांगें:
- सेब पर आयात शुल्क में कटौती को तुरंत रोका जाए
- एमएसपी लागू किया जाए
- किसानों को खाद-कीटनाशकों पर सब्सिडी दी जाए
- फसल बीमा योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जाए
तारिगामी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की अनदेखी जारी रखी, तो आंदोलन और तेज़ होगा। इस कड़ी में 9 जुलाई को देशभर की ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें एप्पल फार्मर्स फेडरेशन भी भाग लेगा।
