अपने संबोधन में मंत्री धर्माणी ने बताया कि वाटरशेड कार्यक्रम का लक्ष्य वर्षा जल को प्राकृतिक स्रोतों में रोककर भूमिगत जलस्तर बढ़ाना और मिट्टी के कटाव को रोकना है। उन्होंने कहा कि चेक डैम, चेक वॉल निर्माण, बावड़ियों के पुनर्जीवन तथा पौधारोपण जैसी पहलें इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बच्चों की प्रस्तुतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “जल है तो कल है” केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन का आधार है।मंत्री ने बताया कि वैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर बिलासपुर जिले में केवल घुमारवीं ब्लॉक को ही वाटरशेड परियोजना के लिए चयनित किया गया है। लगभग 5 करोड़ 88 लाख रुपये की स्वीकृति में से 3 करोड़ रुपये से अधिक विभिन्न संरचनाओं, जल संचयन कार्यों और पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों पर व्यय किए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इन प्रयासों के स्पष्ट सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और बादल फटने जैसी घटनाएँ जल संकट को बढ़ा रही हैं, इसलिए सामुदायिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भाखड़ा बांध का उदाहरण देते हुए कहा कि जल संचयन की योजनाओं ने सूखे क्षेत्रों, विशेषकर राजस्थान में, जीवन और कृषि को नया आयाम दिया है। जल प्रदूषण को लेकर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की और रसायनों व मानवजनित कारणों से प्रभावित हो रहे जलस्रोतों को बचाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, आईडीपी, लाइफ मिशन और कृषि व बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तालाब निर्माण, सूक्ष्म सिंचाई, जल संरक्षण संरचनाएँ और रिचार्ज उपायों के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ते भूजल दोहन के कारण हैंडपंपों का जलस्तर लगातार गिर रहा है, इसलिए वर्षा जल संचयन को अपनाना अनिवार्य है।
कार्यक्रम में तड़ोन स्कूल के बच्चों द्वारा तैयार मॉडल और पेंटिंग्स को मंत्री ने सराहा और कहा कि बच्चों की यह सृजनात्मकता बताती है कि भविष्य की पीढ़ी जल संरक्षण के प्रति सजग है। उन्होंने ग्रामवासियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों से इस मुहिम को निरंतर बनाए रखने की अपील की।इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं — भाषण में रिया, मॉडल प्रतियोगिता में अरविंद, आदेश और अन्वी तथा पेंटिंग में प्रांजल और अनीता — को सम्मानित किया गया।इसके बाद मंत्री धर्माणी ने गांव डीबला और रोपड़ी नाले में लगभग 6 लाख रुपये की लागत से निर्मित चेक डैम का उद्घाटन किया तथा रोपड़ी गांव में प्रस्तावित क्रेट वायर और चेक डैम के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
