राहुल चावला, धर्मशाला-:जिला कांगड़ा में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैक स्पॉट्स पर प्रभावी सुधार सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को मजबूत किया है। इसके तहत ई-डार सिस्टम और आई-रेड्स सॉफ्टवेयर की मदद से सड़क हादसों के संभावित कारणों का पता लगाकर संबंधित विभागों को आवश्यक सुधार करने के लिए जानकारी भेजी जा रही है। इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर समय रहते प्रभावी कदम उठाना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
ई-डार सिस्टम के तहत सड़क दुर्घटना होने पर पुलिस या संबंधित जांच अधिकारी आई-रेड्स सॉफ्टवेयर में हादसे से जुड़े तथ्यों और उसके संभावित कारणों को दर्ज करते हैं। इसके बाद उपलब्ध जानकारी संबंधित सड़क स्वामित्व एजेंसियों, जैसे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), को भेजी जाती है। संबंधित विभाग इस जानकारी के आधार पर दुर्घटना संभावित स्थलों का आकलन करते हैं और आवश्यक सुधारात्मक उपायों की योजना बनाते हैं।
ब्लैक स्पॉट्स की नियमित समीक्षा पर जोर
दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधारात्मक कार्रवाई की निगरानी के लिए जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों की बैठकों में उन स्थानों की समीक्षा की जाती है, जहां पहले सड़क हादसे हो चुके हैं और सुरक्षा संबंधी सुधारों की आवश्यकता सामने आई है। हाल ही में आयोजित बैठक में भी संबंधित विभागों ने चिह्नित स्थलों पर किए जाने वाले सुधारों का विवरण प्रस्तुत किया। प्रशासन ने विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्य पूरा करने और कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
छोटे उपायों से भी कम होगा हादसों का खतरा
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर बार बड़े निर्माण कार्य या संरचनात्मक बदलाव करना जरूरी नहीं है। कई बार छोटे और प्रभावी गैर-संरचनात्मक उपाय भी हादसों की आशंका को काफी हद तक कम कर सकते हैं। इनमें सड़क किनारे उचित साइनेज लगाना, सड़क पर स्पष्ट मार्किंग करना, रिफ्लेक्टिव संकेतक स्थापित करना और सोलर ब्लिंकर्स लगाना शामिल है।उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यक सुधार निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। साथ ही, किए गए कार्यों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए, ताकि कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की जा सके।प्रशासन का लक्ष्य केवल दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान करना नहीं, बल्कि वहां समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करना भी है। ई-डार सिस्टम के माध्यम से हादसों के कारणों का विश्लेषण और विभागों के बीच समन्वय सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
