सोलन : योगेश शर्मा- जोगिंदर केंद्रीय सहकारी बैंक समिति सोलन में दो मनोनीत निदेशकों के शपथ के विरोध में निर्वाचित निदेशकों ने शपथ समारोह का विरोध किया है। उनका आरोप था कि सरकार द्वारा बैंकों के नियमों को ताक में रखकर यह भर्तियां की है ऐसे में इसको लेकर जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक समिति सोलन के अध्यक्ष ने अपना इस्तीफा भी दे दिया है । हालांकि उन्होंने इस को लेकर कोर्ट में जाने की बात भी कही है और कहा है कि सरकार अपने मित्रों को एडजस्ट करने में लगी हुई है।
नियमो को ताक पर रखकर सरकार ने किए निदेशक मनोनीत
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में सरकार बदलने के साथ अब अन्य स्तरों पर भी राजनीतिक बदलाव होने लगा है। बघाट बैंक पर कांग्रेस ने कब्जा करने के बाद जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक समिति सोलन में भी कब्जा करने के लिए कांग्रेस ने काम करना शुरु कर दिया है। बुधवार को सोलन में जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक समिति सोलन में मनोनीत निदेशकों की शपथ समारोह रखा गया था । इसको लेकर जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष योगेश कुमार ने अपना इस्तीफा दिया लेकिन उसके बाद उन्होंने मनोनीत पार्षदों की शपथ को लेकर विरोध जाहिर किया। जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक समिति सोलन के निवर्तमान अध्यक्ष योगेश भरतिया ने कहा कि नियमो को ताक पर रखकर प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार अपने मित्रों को एडजस्ट करने के लिए उन्हें मनोनीत कर रही है। उन्होंने कहा कि नियम जो है उन्हें दरकिनार किया गया है, जो लोग मनोनीत नही हो सकते उन्हें मनोनीत किया गया है। योगेश भरतिया ने कहा कि कंडाघाट से जितेंद्र सिंह और पोंटा साहिब से असगर अली की भर्ती मनोनीत निदेशक के रूप में गलत की गई और नियमों को ताक पर रख कर की गई है ऐसे में इसको लेकर वे कोर्ट में भी चैलेंज करेंगे।
बता दें कि बैंक में कांग्रेस सरकार की ओर से 4 निदेशकों को मनोनीत होते ही भाजपा समर्थित चैयरमेन योगेश भरतिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। आज निदेशक मंडल की बैठक थी जिसमे मनोनीत निदेशकों की शपथ को लेकर विरोध जाहिर किया गया है। जोगिन्द्रा बैंक की बॉड ऑफ डायरेक्टर में 12 सदस्य है,इसमे से 6 चुने गए निदेशक , 4 मनोनीत निदेशक व एक एक प्रबंधक निदेशक व सहायक पंजीयक अधिकारी होता है। इस समय जोगिन्द्रा बैंक में कुल 6 चुने हुए निदेशक है , जिसमे से 5 निदेशक भाजपा समर्थित है।
संजीव कौशल अकेले कांग्रेस समर्थित निदेशक के रूप में बद्दी से चुने हुए निदेशक है । अब चार नए निदेशकों के मनोनीत के बाद कांग्रेस समर्थकों की संख्या 5 हो गई है, जबकि 2 वोट सरकार के माने जाते हैं । ऐसे में कांग्रेस का चेयरमैन बनना तय है,लेकिन आज हुए विरोध के चलते संजीव कौशल भाजपा समर्थित निदेशकों के साथ है। उनका कहना है कि जिस तरह से मनोनीत निदेशक किए गए हैं वह नियमों को ताक पर रखे गए हैं जो कि बैंक के नियमों के खिलाफ है वह सरकार के साथ हैं लेकिन बैंक के हितों को लेकर हमेशा खड़े रहे हैं।
सरकार ने चार ने लोगों को बैंक में निदेशक के तौर पर मनोनीत किया है । इसमें सोलन से एडवोकेट मुकेश शर्मा, नालागढ़ से हजूरा सिंह,कंडाघाट से जितेंद्र ठाकुर और असगर अली पोंटा साहिब से शामिल है। ऐसे में कांग्रेस का चेयरमैन बनना तय है लेकिन इसको लेकर बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन के भाजपा के चुने हुए और एक कांग्रेस के निदेशकों का कहना है कि वे इसको लेकर हाईकोर्ट में जाएंगे।
